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बागपत/लखनऊ | 05 जनवरी 2026

मुख्य बिंदु:

  • ​कभी अखबार बेचकर और फैक्ट्री में बाल श्रम कर पाला था परिवार, अब बने ‘विकसित भारत यूथ कैप्टन’।
  • ​उत्तर प्रदेश की टीम की अगुवाई करते हुए भारत मंडपम में प्रधानमंत्री के समक्ष रखेंगे युवाओं के सुझाव।
  • ​राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से भेंट कर लेंगे मार्गदर्शन; जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने दी शुभकामनाएं।
  • ​83 लाख से अधिक युवाओं को ‘कॉन्टेस्ट 360’ प्लेटफॉर्म के जरिए करियर के अवसरों से जोड़ा।

संघर्ष से शिखर तक का सफर

​जिस उम्र में बच्चों के हाथों में खिलौने और स्कूल बैग होने चाहिए थे, उस उम्र में बागपत के अमन कुमार के कंधों पर परिवार की जिम्मेदारी का बोझ था। कभी कड़ाके की ठंड में सुबह 4 बजे साइकिल पर अखबार बांटना, तो कभी ईंट-भट्ठे पर कपड़े बदलकर स्कूल जाना—अमन ने गरीबी और अभावों को बहुत करीब से देखा है। एक समय ऐसा भी था जब उन्होंने ट्यूबलाइट फैक्ट्री में सुबह 8 से रात 9 बजे तक बाल मजदूर के रूप में काम किया। लेकिन आज वही अमन अपनी मेहनत और विजन के दम पर देश के सबसे बड़े लोकतांत्रिक मंच ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं।

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प्रधानमंत्री के सामने पेश करेंगे ‘युवा भागीदारी’ का विजन

​अमन कुमार का चयन भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित कार्यक्रम के लिए हुआ है। यहाँ वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष देश के नीति-निर्माण में युवाओं की हिस्सेदारी और “कोई युवा पीछे न छूटे” के संकल्प पर अपना रोडमैप प्रस्तुत करेंगे। गौरव की बात यह है कि अमन को उत्तर प्रदेश से चयनित युवाओं की टीम का ‘कैप्टन’ बनाया गया है।

नौकरी छोड़ गांव को चुना कर्मभूमि

​12वीं के बाद अमन के पास दिल्ली-एनसीआर में 25 हजार रुपये की सुरक्षित नौकरी का विकल्प था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा कर अपने गांव के युवाओं की दशा बदलने का निर्णय लिया। उन्होंने महसूस किया कि ग्रामीण युवाओं के पिछड़ने का सबसे बड़ा कारण ‘सूचना का अभाव’ है। इसी कमी को दूर करने के लिए उन्होंने ‘कॉन्टेस्ट 360’ (Contest 360) नामक प्लेटफॉर्म बनाया, जो आज 83 लाख से अधिक विज़िट्स के साथ युवाओं को स्कॉलरशिप और करियर के अवसरों से जोड़ रहा है।

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तकनीक से बदला प्रशासन का चेहरा

​अमन की प्रतिभा केवल समाजसेवा तक सीमित नहीं रही। उन्होंने प्रशासन के साथ मिलकर कई नवाचार किए:

  • कांवड़ यात्रा ऐप: QR कोड आधारित ऐप से लाखों श्रद्धालुओं की मदद की।
  • स्वीप बागपत व सूचना सेतु: सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए डिजिटल टूल्स विकसित किए।
  • विवेकानन्द राज्य युवा पुरस्कार: वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें सर्वोच्च युवा सम्मान से नवाजा।

“मेरी लड़ाई अवसर की समानता के लिए है”

​अपनी यात्रा पर बात करते हुए अमन भावुक होकर कहते हैं,

​”गरीबी सिर्फ काम नहीं कराती, चुप रहना भी सिखा देती है। मेरी लड़ाई यह सुनिश्चित करने की है कि किसी भी युवा की प्रतिभा मार्गदर्शन के अभाव में दम न तोड़े। अगर समय पर सही हाथ न मिले, तो समाज जिसे अपराधी कह देता है, वह दरअसल अवसरों का मारा हुआ होता है।”

 

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उच्चाधिकारियों ने सराहा

​दिल्ली प्रस्थान से पूर्व अमन ने लखनऊ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से भेंट की। इससे पहले बागपत में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी और कहा कि अमन की यह उपलब्धि जिले के हर उस युवा के लिए मिसाल है जो अभावों में पला-बढ़ा है।

​अमन की यह कहानी केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि उस ‘बदलते भारत’ की तस्वीर है जहाँ एक पूर्व बाल मजदूर देश के भविष्य की नीति तय करने में सहायक बन रहा है।

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