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यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध को 10 महीने होने जा रहे हैं. फरवरी में यूक्रेन पर रूस ने चढ़ाई कर दी थी. उसके बाद रूसी सैनिकों द्वारा यूक्रेनी महिलाओं और बच्चों के साथ रेप की खबरें भी आई थीं, जिसे लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की पत्नी ने भी आवाज उठाई थी.

अब यूक्रेन पर हुए जुल्म का बदला लेने के लिए ब्रिटेन आगे आया है. ब्रिटेन की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट उन रूसी सैनिकों की तलाश कर मुकदमा चलाएगी, जो महिलाओं, बच्चों और पुरुषों पर यौन हमला करने के संदिग्ध हैं. सेक्शुअल वॉयलेंस मोबाइल जस्टिस टीम स्थानीय जासूसों को ट्रेनिंग देगी और रूसी सेना के यौन हमलावरों की तलाश करने में मदद करेंगे. इनमें से अभी भी कई यूक्रेन में हैं.

यौन हमलों की जांच करेगी टीम

यह टीम चार साल से कम उम्र के बच्चों, बुजुर्गों, पुरुषों और महिलाओं पर होने वाले यौन हमलों की जांच करेगी. ब्रिटेन के ह्यूमन राइट्स लॉयर वेन जॉर्डन इस टीम के हेड हैं और उन्होंने कहा कि मॉस्को कमांडर्स यूक्रेन में यौन हमलों को बढ़ावा देने के संदिग्ध हैं. उन्होंने कहा, ‘रूसी कमांडर न सिर्फ इन यौन हिंसा अपराधों को स्वीकार कर रहे हैं, प्रोत्साहित कर रहे हैं बल्कि आदेश भी दे रहे हैं.’

रेप के सामने आए सबूत

कई आरोप यौन हमलों के दोषी पाए गए लोगों पर हैं, जिन्हें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने माफी दे दी है. कानूनी जानकारों की एक टीम, जिसमें यूक्रेनी भी शामिल हैं का गठन ग्लोबल राइट्स कंपाइलेंस ने किया है. उनका कहना है कि ऐसे सबूत सामने आए हैं, जिसमें चार साल के बच्चे से लेकर 85 साल के बुजुर्ग के साथ रेप और यौन हमलों का खुलासा हुआ है.

टीम को एक पीड़ित के बारे में बताया गया, जिसके साथ बलात्कार हुआ, जबकि उसका पांच साल का बेटा दूसरे कमरे में था. यह भी संदेह है कि एक रूसी सैनिक ने बच्ची के साथ बलात्कार करने का प्रयास किया. एक अन्य भयावह घटना में, महिलाओं के साथ रेप करने के लिए उनको एक तहखाने में ले जाया गया.

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