अग्रसर भारत (डिजिटल डेस्क), लालकुआं/हल्दूचौड़।
दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे निहत्थे छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में क्षेत्र के कांग्रेसियों ने कड़ा आक्रोश जताया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता हेमवती नंदन दुर्गापाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हल्दूचौड़ और लालकुआं क्षेत्र में जोरदार प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया।
मुख्य बिंदु:
- वजह: दिल्ली में नीट व प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध।
- नेतृत्व: वरिष्ठ कांग्रेस नेता हेमवती नंदन दुर्गापाल।
- कार्रवाई: केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका।
- मांग: दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई और छात्रों की समस्याओं का तत्काल समाधान।
केंद्र सरकार का रवैया तानाशाहीपूर्ण: नंदन दुर्गापाल
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता नंदन दुर्गापाल ने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और अपने अधिकार मांग रहे छात्रों पर लाठियां बरसाना पूरी तरह से तानाशाही रवैया है। उन्होंने कहा कि आज देश का भविष्य सड़कों पर है, लेकिन सरकार समाधान निकालने के बजाय दमनकारी नीति अपना रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सड़क से सदन तक आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से मांग की कि छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और परीक्षार्थियों की जायज मांगों को बिना विलंब पूरा किया जाए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि युवाओं का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ, तो कांग्रेस पार्टी छात्रों के हक की लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक और अधिक उग्र करेगी।
इस दौरान मोहन कुड़ाई, हिमांशु कब्डवाल, प्रदर्शन में कांग्रेस नगर अध्यक्ष भुवन पांडे, प्रमोद कलोनी, सभासद भुवन पांडेय, सभासद योगेश उपाध्याय, ग्राम प्रधान रमेश जोशी, पूर्व सभासद हेमंत पांडेय, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष हिमांशु कबड़वाल, नरेश चौधरी, गिरधर बम, पूर्व ग्राम प्रधान हरेंद्र असगोला, छात्र नेता राजा धामी, नवीन बिष्ट ‘नब्बू’, खजान आर्या, प्रतीक जोशी, दीपक रौतेला और भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा और स्थानीय लोग उपस्थित रहे जिन्होंने केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।


