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लालकुआं। डेढ़ सौ साल से भी अधिक पुराने लालकुआं नगर के निवासियों को अब तक अपनी भूमि का मालिकाना हक न मिलने पर नाराजगी बढ़ती जा रही है।

इसी क्रम में गुरुवार को क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं ने सांसद अजय भट्ट से मिलकर नगरवासियों को मालिकाना हक प्रदान करने की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने हल्द्वानी सर्किट हाउस में सांसद को ज्ञापन सौंपते हुए इस प्रक्रिया को अभिलंब शुरू करने का आग्रह किया।

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भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि लालकुआं नगर 1927 में डिफॉरेस्ट हुआ था, 1975 में राजस्व गांव बना और 1978 में नगर पंचायत घोषित किया गया।

इसके बाद 2008 में सर्वेक्षण कार्य पूरा हुआ, फिर भी आज तक नगरवासियों को उनकी भूमि का मालिकाना हक नहीं मिल सका है। तीन वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी शासनादेश जारी न होने पर जनता स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रही है।

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जानकारी के अनुसार, लालकुआं में कुल 1537 परिवार निवास करते हैं लेकिन अब तक केवल 66 फाइलें ही स्वीकृत की गई हैं। इस धीमी प्रक्रिया के चलते क्षेत्रवासियों में निराशा बढ़ रही है।

ज्ञापन सौंपने के बाद सांसद अजय भट्ट ने जिलाधिकारी से वार्ता की और कहा कि लालकुआं के लोगों को मालिकाना हक दिलाने के लिए शासन स्तर पर तत्काल प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।

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उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर शासनादेश जल्द जारी करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता हेमंत नरूला, दिशा के डायरेक्टर नंदन गोस्वामी, भाजपा नेता संजय अरोड़ा, सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण खाती और हेमंत लोशाली मौजूद रहे।

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