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बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग तेज: 27 को 30 हजार लोग करेंगे लालकुआं कूच, भरत नेगी ने भरी हुंकार
लालकुआं/बिंदुखत्ता
बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने और ग्रामीणों को मालिकाना हक देने की मांग को लेकर जनआंदोलन ने व्यापक रूप ले लिया है। जनसभा को संबोधित करते हुए आंदोलन के वक्ता भरत नेगी ने शासन-प्रशासन को सीधी चेतावनी दी कि यदि सितंबर 27 तारीख से पहले अधिसूचना जारी नहीं की गई, तो 25 से 30 हजार लोग लालकुआं कूच कर ऐतिहासिक प्रदर्शन करेंगे।
भरत नेगी के संबोधन के प्रमुख बिंदु:
- अर्जुन नाथ का अन्न त्याग और तपस्या: भरत नेगी ने बताया कि आंदोलनकारी अर्जुन नाथ हक की लड़ाई में अन्न त्यागकर केवल आलू, दूध और पानी के सहारे डटे हुए हैं। जब तक बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं मिलता, उनका यह संकल्प अनवरत जारी रहेगा।
- वरिष्ठ नेत्री संध्या डालाकोटी का समर्थन: उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेत्री संध्या डालाकोटी पहले दिन से ही रैली और आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं।
- शासन से स्पष्ट अपील: भरत नेगी ने राज्य सरकार से मांग की कि 27 तारीख से पहले अधिसूचना जारी कर दी जाए ताकि टकराव की नौबत न आए; अन्यथा लालकुआं में उमड़ने वाला विशाल जनसैलाब सरकार को जनभावनाओं की ताकत का एहसास कराएगा।
- दलगत राजनीति से ऊपर उठने का आह्वान: उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि राजनीतिक विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन बिंदुखत्ता के अस्तित्व, हक और भविष्य के लिए सभी को एक मंच पर आकर एक स्वर में आवाज उठानी होगी।
- 75 साल का संघर्ष और पुरखों की विरासत: भरत नेगी ने कहा कि तीन पीढ़ियों के कठिन परिश्रम और पुरखों द्वारा अपने खून-पसीने से सींची गई इस भूमि का मालिकाना हक आने वाली पीढ़ी को दिलाना ही इस आंदोलन का एकमात्र लक्ष्य है।
- सोशल मीडिया व धरातल पर एकजुटता: उन्होंने कहा कि जो लोग प्रत्यक्ष रूप से नहीं पहुंच पा रहे हैं, वे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से पूरा सहयोग दे रहे हैं। युवा, बुजुर्ग और हर वर्ग अपनी जमीन की रक्षा के लिए पूरी तरह लामबंद है।
- 27 तारीख को आर-पार का ऐलान: सरकार पर सीधा दबाव बनाने के लिए 27 तारीख को लालकुआं में विशाल हुजूम जुटेगा ।
27 तारीख को हर घर से निकलने का आह्वान:
संबोधन के अंत में भरत नेगी ने क्षेत्र के सभी लोगों का आभार जताते हुए 27 तारीख को घरों से बाहर निकलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जो लोग अब तक रैलियों, दिन के आयोजनों या देर रात की संध्या बैठकों में शामिल होकर समर्थन दे रहे हैं, उनका बहुत-बहुत धन्यवाद। साथ ही जो साथी व्यस्तताओं के कारण प्रत्यक्ष उपस्थित नहीं हो सके लेकिन अपने स्तर से मुहिम को मजबूती दे रहे हैं, वे भी साधुवाद के पात्र हैं। नेगी ने अपील की कि 27 तारीख को हर घर से हर एक व्यक्ति अपने हक और अस्तित्व की इस लड़ाई के लिए बाहर निकले और लालकुआं कूच को ऐतिहासिक बनाकर अपनी एकजुटता का परिचय दे।
रिपोर्ट: पंकज शर्मा, अग्रसर भारत


