लालकुआं न्यूज़। लालकुआं शहर में लंबे समय से बनी यातायात और जाम की समस्या के समाधान की दिशा में बड़ी पहल सामने आई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने नगला से लालकुआं वन विभाग गोदाम तक करीब 7 किलोमीटर लंबे बाईपास के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही वनभूलपुरा स्थित गौला पुल से नारीमन तिराहे तक फोरलेन सड़क के निर्माण को भी केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल गई है।
गुरुवार को दोनों परियोजनाओं से संबंधित औपचारिक आदेश जारी किए गए। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद लालकुआं और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा शहर के भीतर वाहनों के दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
7 किमी बाईपास से शहर में कम होगा ट्रैफिक दबाव
लालकुआं में रोजाना यातायात का दबाव रहने के कारण कई बार लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। शहर के भीतर से गुजरने वाले वाहनों के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसी समस्या को देखते हुए नगला से लालकुआं वन विभाग गोदाम तक करीब सात किलोमीटर लंबे बाईपास का प्रस्ताव तैयार किया गया था। अब मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।
बाईपास के निर्माण से शहर के मुख्य हिस्से से गुजरने वाले यातायात का एक हिस्सा वैकल्पिक मार्ग पर डायवर्ट किया जा सकेगा। इससे लालकुआं के भीतर वाहनों का दबाव कम होने और जाम की स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
गौला पुल से नारीमन तिराहे तक बनेगी फोरलेन सड़क
दूसरी महत्वपूर्ण परियोजना के तहत वनभूलपुरा स्थित गौला पुल से नारीमन तिराहे तक फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस मार्ग पर सड़क क्षमता बढ़ने से यातायात के संचालन में सुधार की उम्मीद है।
फोरलेन सड़क परियोजना को भी केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल गया है। यह परियोजना लालकुआं और हल्द्वानी के बीच यातायात व्यवस्था को बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
लंबे समय से बनी हुई है जाम की समस्या
लालकुआं क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव के बीच जाम की समस्या लंबे समय से स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। व्यस्त मार्गों पर वाहनों की संख्या बढ़ने से आवागमन प्रभावित होता है।
ऐसे में बाईपास और फोरलेन सड़क जैसी परियोजनाओं से न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय लोगों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को भी राहत मिल सकती है।
दोनों परियोजनाओं के निर्माण के बाद लालकुआं-हल्द्वानी क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करने और आवागमन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलने की संभावना है।


