बहाने नहीं अब मुख्यमंत्री दें लिखित आश्वासन, नहीं तो शुरू होगा अनिश्चितकालीन धरना।
बिंदुखत्ता। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर आंदोलन निर्णायक दौर में पहुंच गया है। आगामी 27 सितंबर रविवार को आयोजित जनसभा एवं विशाल रैली की तैयारियों के लिए बिंदुखत्ता के सभी 32 गांवों में चल रही घर-घर पदयात्रा आज 27वें दिन भी जारी रही। आज की पदयात्रा चित्रकूट मंदिर से प्रारंभ होकर तिवारीनगर की गलियों से होते हुए वन देवी मंदिर तिवारीनगर पहुंची। रात्रि में इसी मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
रैली संयोजक कैप्टेन इंद्र सिंह पनेरी ने कहा कि बिंदुखत्ता की जनता अब वर्षों से चले आ रहे आश्वासनों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि 27 सितंबर की रैली सरकार के लिए एक निर्णायक संदेश होगी। बिंदुखत्ता के सभी 32 गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण रैली में पहुंचकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि इस बार मुख्यमंत्री स्वयं रैली स्थल पर पहुंचकर अधिसूचना जारी करने की सूचना दें या फिर इस संबंध पर कोई समयबद्ध लिखित आश्वासन दें, नहीं तो जनता क्रमिक अनशन शुरू करने पर भी विचार कर सकती है। अब जनता को लिखित तारीख चाहिए, कोरे आश्वासन नहीं।
कैप्टन पनेरी ने कहा कि यदि सरकार ने इस बार भी मांग को टालने का प्रयास किया, तो 27 सितंबर की रैली के बाद रैली स्थल पर ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
आज की पदयात्रा में संगठन अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, अर्जुन नाथ गोस्वामी, बलवंत सिंह बिष्ट, कैप्टेन इंद्र सिंह पनेरी, दीपक जोशी, ममता बिष्ट, संध्या डालाकोटी, दौलत सिंह कोरंगा, रमेश गोस्वामी, नवीन जोशी, कैप्टेन खुशाल सिंह कोश्यारी, रणजीत सिंह, भवान सिंह कठायत, गोविन्द गिरी सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया।


