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चमोली। जिले के थराली क्षेत्र में देर रात बादल फटने की भीषण आपदा ने तबाही मचा दी। राड़ी बगड़ इलाके में करीब आधी रात को अचानक बादल फटने से बड़ी मात्रा में मलबा और पानी ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। इस आपदा में कई मकान, दुकानें और कुछ सरकारी दफ्तर मलबे के नीचे दबने की खबर है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई वाहन भी मलबे में दब गए हैं।

घटना की भयावहता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि यहां तक कि एसडीएम का आवास भी मलबे से प्रभावित हुआ है, जिससे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है।

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राहत व बचाव कार्य तेज

घटना के तुरंत बाद क्षेत्रीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन दल मौके पर जुट गए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी लगातार राहत और बचाव कार्य में लगी हैं। अब तक एक युवती के मलबे में जान गंवाने की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। लापता लोगों की तलाश जारी है।

पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ा, खतरे की आशंका

भारी बारिश और बादल फटने के चलते पिंडर नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन ने एहतियातन नदी किनारे बसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने की अपील की है। कई गांवों में लोग रातभर दहशत के साये में घरों से बाहर खुले में ही रहे।

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प्रशासन अलर्ट

चमोली के जिलाधिकारी मौके पर रवाना हो चुके हैं। वहीं, पुलिस अधीक्षक और एसडीएम स्तर के अधिकारी लगातार घटनास्थल का जायजा ले रहे हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासनिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।

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स्थानीय लोगों की जुबानी

गांववासियों ने बताया कि रात करीब 12 बजे अचानक जोरदार आवाज के साथ भारी मलबा और पानी आया। देखते ही देखते कई घर बह गए और चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। “हमने ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा था,” एक ग्रामीण ने भावुक होकर कहा।


👉 फिलहाल थराली और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और नदी किनारे जाने से बचने की हिदायत दी है।

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