मल्लीताल (नैनीताल)।
डिजिटल लेनदेन की अधूरी जानकारी और एक छोटी सी लापरवाही किस कदर भारी पड़ सकती है, इसका एक बेहद चौंकाने वाला मामला मल्लीताल क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ एक महिला ने ग्राहक द्वारा किए गए ऑनलाइन भुगतान को चेक करने के प्रयास में अनजाने में उसके खाते में 90 हजार रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि ट्रांसफर कर दी। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तत्परता के चलते पीड़ित परिवार की गाढ़ी कमाई डूबने से बच गई।
₹30 की चाट और ₹90,705 का झटका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मल्लीताल के पॉपुलर कंपाउंड निवासी रिशु के पति क्षेत्र में ही चना चाट का ठेला (रेहड़ी) लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मंगलवार दोपहर को एक अज्ञात ग्राहक ने उनकी दुकान पर ₹30 की चाट खाई और इसका भुगतान ऑनलाइन (यूपीआई के माध्यम से) किया।
चूंकि महिला को स्मार्टफोन और डिजिटल पेमेंट ऐप्स चलाने का विशेष अनुभव नहीं था, इसलिए वह ग्राहक द्वारा भेजे गए पैसों की पुष्टि करने लगी। इसी दौरान स्क्रीन पर तकनीकी अज्ञानता के चलते उससे अनजाने में एक बड़ी चूक हो गई और ग्राहक के खाते में ₹90,705 की मोटी रकम ट्रांसफर हो गई।
मैसेज देखते ही उड़े होश, बंद आया नंबर
कुछ देर बाद जब महिला के पति ने अपने मोबाइल पर खाते से इतनी बड़ी धनराशि कटने का संदेश (मैसेज) देखा, तो पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में जब उस ग्राहक के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उसका फोन बंद आने लगा। ठगी और नुकसान के डर से बदहवास पीड़ित दंपती तुरंत कोतवाली पहुंचे और पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई।
पुलिस की मुस्तैदी: काठगोदाम में दबोचा गया आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मल्लीताल पुलिस तत्काल हरकत में आई। पुलिस टीम ने सर्विलांस और तकनीकी मदद से बंद आ रहे नंबर को ट्रैक करना शुरू किया। पुलिस के दबाव के चलते आखिरकार आरोपी ग्राहक का मोबाइल फोन चालू हुआ, जिसके बाद उसकी लोकेशन काठगोदाम क्षेत्र में पाई गई।
मल्लीताल पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए आरोपी को काठगोदाम में ही रुकवा लिया। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित दंपती को अपनी पूरी धनराशि वापस प्राप्त करने के लिए काठगोदाम रवाना कर दिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय व्यापारियों और जनता द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है।
अग्रसर भारत अपील: डिजिटल इंडिया के इस दौर में ऑनलाइन लेनदेन करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। किसी भी अनजान व्यक्ति के सामने या अधूरी जानकारी होने पर अपने मोबाइल का पिन (PIN) दर्ज न करें और न ही स्क्रीन को बिना समझे ऑपरेट करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।


