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अगर वाहन चलाते समय मोबाइल से बात करते हुए पकड़े गए तो चालान की कार्रवाई के साथ ही 24 घंटे के लिए मोबाइल भी सीज किया जा सकता है।

अगर वाहन चलाते समय मोबाइल से बात करते हुए पकड़े गए तो चालान की कार्रवाई के साथ ही 24 घंटे के लिए मोबाइल भी सीज किया जा सकता है। इसलिए चलाते समय इसका ध्यान दें और अपने साथ दूसरों की सुरक्षा का भी ख्याल रखें।

मोबाइल से बात करते समय वाहन चलाने से दुर्घटना का भय बना रहता है। इस पर चालान भी किया जाता है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश हैं कि अगर कोई व्यक्ति वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करते पाया गया तो चालान की कार्रवाई के साथ उसका मोबाइल 24 घंटे के लिए सीज कर दिया जाए।

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विभाग के अनुसार, केवल चालान काटने के बाद भी लोग अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं। मोबाइल से बात करते समय दुर्घटना होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

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स्टोर बनाने में जुटा परिवहन विभाग

हल्द्वानी। मोबाइल को 24 घंटे सीज करने के लिए आरटीओ में स्टोर बनाने पर विचार हो रहा है क्योंकि मोबाइल सीज कर 24 घंटे तक सुरक्षित रखना होगा। इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि जब तक मोबाइल परिवहन विभाग के पास है तब तक उसमें कोई नुकसान न हो।

मोटर यान अधिनियम में नहीं है नियम

हल्द्वानी। मोटर यान अधिनियम में इस तरह का प्रावधान नहीं है। हाईकोर्ट ने जारी आदेश में कहा था कि वाहन चलाते समय मोबाइल से बात करने पर मोबाइल भी सीज किया जाए।

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मोबाइल से बात करते समय वाहन चलाना खतरनाक है। चालान की कार्रवाई होती है। साथ ही परिवहन विभाग इस तैयारी में है कि अब मोबाइल को 24 घंटे के लिए सीज भी किया जाए। इसके लिए जरूरी तैयारियां की जा रहीं हैं।

-नंद किशोर, आरटीओ प्रवर्तन, संभाग कार्यालय हल्द्वानी।

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