नैनीताल/काठगोदाम: उत्तराखंड के शांत वादियों में दिल्ली की एक महिला पर्यटक के साथ हुई खौफनाक वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। नैनीताल घूमने आई एक महिला के साथ टैक्सी चालक द्वारा दुष्कर्म के प्रयास, मारपीट और लूटपाट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
सुनसान रास्ते पर बदला चालक का इरादा
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता पांच मार्च की रात दिल्ली से अकेले यात्रा कर काठगोदाम पहुंची थी। वहां से उसने नैनीताल जाने के लिए एक टैक्सी किराये पर ली। यात्रा के शुरुआती चरण में सब कुछ सामान्य था, लेकिन रात करीब 1:30 बजे जब टैक्सी वल्दियाखान के समीप पहुंची, तो चालक दीपक सिंह बोरा (39) की नीयत डोल गई। उसने मुख्य मार्ग छोड़कर गाड़ी को पटवा डांगर की सुनसान पहाड़ियों की ओर मोड़ दिया।
संघर्ष और साहस: रात भर जंगल में छिपी रही पीड़िता
आरोपी ने एकांत पाकर टैक्सी रोकी और महिला के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। जब पीड़िता ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की और उसका मोबाइल फोन छीन लिया। विपरीत परिस्थितियों में भी महिला ने अदम्य साहस का परिचय दिया और आरोपी के चंगुल से छूटकर घने जंगल की ओर भाग निकली। अपनी जान बचाने के लिए वह कड़कड़ाती ठंड में पूरी रात जंगल में छिपी रही।
ग्रामीणों की मदद और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
शुक्रवार की सुबह पीड़िता किसी तरह पटवा डांगर गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों और ग्राम प्रधान ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस को सूचित किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में पुलिस ने जाल बिछाया। सीसीटीवी फुटेज और जीपीएस लोकेशन की मदद से आरोपी दीपक सिंह बोरा को भवाली के पाइन्स मार्ग से दबोच लिया गया। पुलिस ने पीड़िता का लूटा हुआ मोबाइल और वारदात में प्रयुक्त टैक्सी भी बरामद कर ली है।
एसएसपी की चेतावनी: “सुरक्षा से समझौता नहीं”
इस मामले पर एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:
”पर्यटकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे जघन्य अपराध करने वालों के खिलाफ कठोरतम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। टैक्सी मालिकों को स्पष्ट निर्देश हैं कि वे बिना पुलिस सत्यापन के किसी भी चालक को वाहन न सौंपें।”
वर्तमान में आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। यह घटना पर्यटकों, विशेषकर अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।


