खबर शेयर करें -

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में हुए नाबालिग लड़के के कत्ल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. इस जघन्य हत्याकांड को किसी और ने नहीं बल्कि मृतक के पिता ने ही अंजाम दिया था. पुलिस ने 12 घंटे के भीतर हत्या का खुलासा कर दिया. आरोपी पिता ने अपना जुर्म कबूल करते हुए पुलिस को बताया कि वह अपने बेटे की चोरी की आदत से बहुत परेशान था. वारदात से एक दिन पहले उसने घर पर 10 हजार रुपये चुराए थे. जिसके बाद उसने बेटे को मारने का फैसला कर लिया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. जेल भेजने की कार्यवाही की जा रही है.

ऊधम सिंह नगर पुलिस के अनुसार, कत्ल की घटना को पंतनगर क्षेत्र में अंजाम दिया गया. दरअसल मंगलवार को पुलिस को सिडकुल के पास झाड़ियों में एक 14 साल के लड़के का शव मिला था. उसकी शिनाख्त आजादनगर ट्रांजिट कैंप निवासी अंकित गंगवार पुत्र देवदत्त गंगवार के रूप में हुई. परिवार की तहरीर पर पंतनगर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में केस दर्ज किया और जांच शुरू की. मृतका की मां आरती ने पुलिस को बताया कि वह सिडकुल की एक कंपनी में काम करती है. मंगलवार सुबह करीब 8 बजे उसके पति देवदत्त ने अंकित को गुरुकुल स्कूल छोड़ा था.

यह भी पढ़ें -  लालकुआँ: यूनिट हेड प्रणव शर्मा ने फहराया तिरंगा; बोले- 'सुरक्षा, गुणवत्ता और अनुशासन ही सच्ची स्वतंत्रता'

झाड़ियों में मिला अंकित का शव
उन्होंने बताया कि मंगलवार दिन में करीब एक बजे उसका पड़ोसी जीतू कंपनी आया और उसने बताया कि सिडकुल की एक कंपनी के पास झाड़ियों में अंकित का शव मिला है. वह मौके पर पहुंची तो देखा कि उसके बेटे की दोनों आंखें कुचली हुई थीं. खाल उधेड़ी हुई थी और उसकी शर्ट से उसका गला बंधा हुआ था. शव देख वह बेसुध हो गईं. मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. पुलिस ने जांच शुरू की, साथ ही सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस का भी सहारा लिया.

यह भी पढ़ें -  लालकुआँ: यूनिट हेड प्रणव शर्मा ने फहराया तिरंगा; बोले- 'सुरक्षा, गुणवत्ता और अनुशासन ही सच्ची स्वतंत्रता'

बेटे की चोरी की आदत से था परेशान
एसपी क्राइम निहारिका तोमर ने बताया कि शुरुआती जांच में पिता के बयान में विरोधाभास दिखा. अंकित को स्कूल छोड़ने के बाद भी देवदत्त गंगवार की लोकेशन बेटे के साथ ही ट्रेस हुई थी. जिसके बाद शक की सुई पिता पर ही जा अटकी और सख्ती से पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. आरोपी ने बताया कि वह अंकित की चोरी की आदत से बहुत परेशान था. सोमवार को भी उसने उनके वेतन के 10 हजार रुपये चुरा लिए थे. इससे वह काफी गुस्सा था. यही वजह रही कि उसने इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दे दिया. देवदत्त कत्ल की प्लानिंग के अनुसार बेटे को साइकिल से स्कूल ले गया और सुनसान जगह पर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी. इसके बाद वह फैक्ट्री चला गया और खुद ही भतीजे को कॉल कर घटना की सूचना दी ताकि किसी को उसपर शक न हो. बहरहाल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की कार्यवाही की जा रही है.

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें -  लालकुआँ: यूनिट हेड प्रणव शर्मा ने फहराया तिरंगा; बोले- 'सुरक्षा, गुणवत्ता और अनुशासन ही सच्ची स्वतंत्रता'
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad