ADVERTISEMENTS Ad
खबर शेयर करें -

उत्तराखंड के 12 जिलों में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण की वोटिंग आज, 24 जुलाई को होने वाली है। 26 लाख से अधिक मतदाता 17,829 प्रत्याशियों के भाग्य को फैसला करेंगे।

सुबह 8 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी जो शाम बजे तक चलेगी। हरिद्वार जिला को छोड़कर बाकी 12 जिलों में पंचायच चुनाव की प्रक्रिया जारी है।

गुरुवार को गढ़वाल मंडल के छह जिलों के 26 और कुमाऊं मंडल के छह जिलों के 23 विकासखंडों में पहले चरण का मतदान हो रहा है। 5823 पोलिंग बूथ पर 26 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 5318 पोलिंग पार्टियों को पहले ही रवाना कर दिया गया था।

यह भी पढ़ें -  देहरादून में WhatsApp से चल रहा था अवैध शराब सप्लाई नेटवर्क! 25 वर्षीय लॉ स्टूडेंट पर मास्टरमाइंड होने का आरोप

इतने प्रत्याशियों की किस्मत का होगा फैसला

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, पहले चरण में 17,829 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें ग्राम पंचायत सदस्य के 948 पदों के लिए 2,247 प्रत्याशी और ग्राम प्रधान के 3,393 पदों के लिए उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। आज पहले चरण में सदस्य ग्राम पंचायत के 2247, प्रधान के 9731, सदस्य क्षेत्र पंचायत के 4980 और सदस्य जिला पंचायत के 871 प्रत्याशियों का चुनाव होगा

यह भी पढ़ें -  हल्द्वानी में दूषित पानी से छात्रा की मौत, दो बच्चे पीलिया की चपेट में; दुर्गा कॉलोनी में आक्रोश

अगर बारिश हुई तो फिर से कराया जाएगा मतदान

बता दें कि प्रदेश बारिश का दौर चल रहा है, ऐसे में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने फैसला लिया है कि 24 जुलाई को पहले चरण में होने वाले वोटिंग के दिन अगर किसी भी पोलिंग बूथ पर किसी वजह से मतदान नहीं हो पाता तो फिर उसी पोलिंग बूथ पर 28 जुलाई को मतदान होगा।

नेपाल-भारत सीमा चौकियां बंद

यह भी पढ़ें -  कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या होगी सीमित, अनिवार्य होगा पंजीकरण; सीएम धामी का बड़ा ऐलान

ठीक ऐसी ही अगर पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के तहत 28 जुलाई को भी वोटिंग नहीं हो पाई तो पोलिंग बूथ पर 30 जुलाई को फिर से वोटिंग कराई जाएगी। वोटिंग को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मतदान केंद्रो पर सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर नेपाल-भारत सीमा चौकियां 24 और 28 जुलाई को बंद रहेगी। चुनाव के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए यह फैसला लिया गया है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad