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हल्द्वानी में व्यापारी सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने की घोषणा, जाम से निजात दिलाने के लिए जल्द खुलेगा 2 किमी का बाईपास

हल्द्वानी। नैनीताल जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ और यातायात जाम की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हल्द्वानी में आयोजित प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश व्यापारी सम्मेलन में घोषणा की कि कैंची धाम में श्रद्धालुओं के लिए चारधाम यात्रा की तर्ज पर पंजीकरण व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके साथ ही प्रतिदिन दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी निर्धारित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंची धाम में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, लेकिन अत्यधिक भीड़ के कारण स्थानीय लोगों, पर्यटकों और पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को लंबे जाम का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीकरण और श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित किए बिना व्यवस्थाओं को सुचारू बनाना चुनौतीपूर्ण है।

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बाबा नीब करौरी से व्यवस्था सुधारने का आशीर्वाद मांगेंगे सीएम

कैंची धाम में लगातार बढ़ते दबाव पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा नीब करौरी की कृपा से यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि, भीड़ को व्यवस्थित करना भी जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो।

मुख्यमंत्री ने हल्के अंदाज में कहा कि वह बाबा से प्रार्थना करेंगे कि व्यवस्थाओं को नियमित और व्यवस्थित बनाने के लिए उन्हें आशीर्वाद दें। प्रस्तावित पंजीकरण व्यवस्था से श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

जल्द शुरू होगा दो किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण कार्य

कैंची धाम और आसपास के क्षेत्रों में लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री ने लगभग दो किलोमीटर लंबे बाईपास मार्ग को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मार्ग से संबंधित आवश्यक स्वीकृतियों की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। वन विभाग और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) से जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी और मार्ग को यातायात के लिए खोलने की दिशा में काम होगा।

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बाईपास शुरू होने से पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को राहत मिलने और कैंची धाम के आसपास यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।

व्यापारियों को राहत देने के लिए कई अहम घोषणाएं

प्रदेश व्यापारी सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यापारियों और उद्योग जगत से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी घोषणाएं कीं। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार त्वरित राहत उपलब्ध कराने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने राज्य और जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन करने तथा उनकी नियमित बैठकें आयोजित करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करना और उद्योगों से जुड़े मामलों में समन्वय बेहतर बनाना है।

उन्होंने जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों को मिलने वाले दुर्घटना बीमा के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया, ताकि पात्र व्यापारी इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

पर्यटन कारोबार के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था

पर्यटन व्यवसाय को सरल बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने पंजीकरण संबंधी प्रक्रियाओं में एकल खिड़की यानी सिंगल विंडो व्यवस्था लागू करने की बात कही। इससे पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को विभिन्न औपचारिकताओं को पूरा करने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

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इसके अलावा चारधाम यात्रा मार्ग के प्रमुख स्थानों पर पार्किंग सुविधाओं के विकास और राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से जुड़े बाजारों में सड़कों तथा नालियों की मरम्मत को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई।

पंजीकृत श्रमिकों को मिलेंगी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। सरकार का उद्देश्य पात्र श्रमिकों तक कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।

कैंची धाम में प्रस्तावित पंजीकरण व्यवस्था, श्रद्धालुओं की संख्या सीमित करने की योजना और बाईपास निर्माण से जुड़े कदमों को क्षेत्र में बढ़ते धार्मिक पर्यटन के बीच यातायात एवं व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, नई पंजीकरण व्यवस्था लागू होने की तारीख और प्रतिदिन श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

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