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सूदखोर को दफनाकर जमीन के ऊपर आरोपी ने फसल उगाने की तैयारी कर ली थी। हालांकि सीसीटीवी कैमरे में आरोपी बाइक से सूदखोर को ले जाता हुआ दिखाई दे गया था। कैमरों की बदौलत पुलिस ने सूदखोर के लापता होने की गुत्थी सुलझा ली।

इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
प्रतापपुरा निवासी सूदखोर अरविंद गुर्जर लंबे समय से ब्याज पर पैसे उठाने का कारोबार करते थे। क्षेत्र के आसपास कई गांव में लोगों के पास लाखों की रकम पड़ी है। करीब दो साल पहले आरोपी दिलीप सिंह उर्फ प्रेमसिंह ने अरविंद से पांच के सैकड़ा पर एक लाख रुपये लिए थे। इससे अरविंद और प्रेमसिंह का उठना बैठना हो गया।

अरविंद अविवाहित होने की वजह से ज्यादातर बाहर का ही खाना खाते थे। दिलीप के घर रुपये के बहाने आने-जाने लगे। आरोप है कि मांसाहारी खाना और शराब के लिए आरोपी पर दबाव बनाते थे। इसके अलावा सूदखोर ने चक्रवृद्धि ब्याज लगाकर बड़ी रकम बना दी। इसका आरोपी पर और दबाव बढ़ गया था। आरोपी इस रकम को देने में अक्षम था।

कुल्हाड़ी से कई वार करके हत्या कर दी
छह जून को आरोपी हनुमंतपुर चौराहा पर आया, तो अरविंद ने रुपये मांगे। तो आरोपी शराब व मांसाहारी खाना लेकर अरविंद को अपनी बाइक से अपने ट्यूबवेल पर ले गया। वहां शराब पिलाकर अरविंद के बेहोश होने पर कुल्हाड़ी से कई वार करके हत्या कर दी। फावड़े की मदद से अपनी जमीन में उसे दफना दिया। आरोपी ने बदबू न फैले इसके लिए उसने ट्यूबवेल पर रखी पॉलिथीन से शव को अच्छी तरह से लपेट दिया था।

खेत को गेहूं काटने वाली मशीन से जोत दिया था
उसके बाद आरोपी ने निशान मिटाने के लिए पूरे खेत को गेहूं काटने वाली मशीन से जोत दिया था। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि रविंद्र ने अपने बड़े भाई अरविंद के लापता होने की सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने अरविंद को तलाशना शुरू कर दिया था। आरोपी अरविंद को साथ ले जाते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था।

सीसीटीवी फुटेज से हुआ अहम खुलासा
सीसीटीवी कैमरों की वजह से घटना का जल्द खुलासा हो गया। नहीं तो आरोपी ने खेत में फसल उगाने की तैयारी कर ली थी। दिलीप सिंह उर्फ प्रेम सिंह को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। उसके पास से कुल्हाड़ी, फावड़ा व अरविंद का मोबाइल भी बरामद कर लिया है। आरोपी की बाइक को सीज कर दिया गया।

ये था पूरा मामला
चकरनगर कस्बे में लापता सूदखोर की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। शव चंबल किनारे दफना दिया गया। पकड़े गए एक आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने शव को गड्ढे से निकलवाया। आरोपी ने अन्य दो साथियों के साथ घटना को अंजाम देने की बात स्वीकारी थी। मृतक के भाई रविंद्र गुर्जर ने लेनदेन के विवाद में भाई की हत्या का आरोप लगाया था।

चार दिन से लापता था सूदखोर
सहसों थाना के प्रतापपुरा निवासी अरविंद गुर्जर (55) पुत्र सोनवीर सिंह गुरुवार सुबह घर से काम के सिलसिले में बाहर जाने की बात कहकर निकले थे। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। शनिवार को पुलिस ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इसमें अरविंद को गांव के ही प्रेम सिंह के साथ देखा गया।कम लेने वाले कुछ लोगों पर आशंका जाहिर की है।

गड्ढा खुदवाया और शव को बाहर निकलवाया
पुलिस ने प्रेम सिंह से पूछताछ की। उसकी निशानदेही पर रविवार दोपहर सहसों गांव के नीचे चंबल नदी किनारे उसी के खेत में गड्ढे से अरविंद के शव को बरामद कर लिया। मृतक के पैर रस्सी और हाथ तार से बंधे थे। गर्दन, सीने पर कुल्हाड़ी से कई वार किए गए थे। शव जमीन में करीब डेढ़ मीटर नीचे दबा था। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से गड्ढा खुदवाया और शव को बाहर निकलवाया।

ब्याज पर बड़ी रकम लेने वालों पर घूम रही थी शक की सुई
लंबे समय से ब्याज के लेनदेन करने वाले कुछ लोगों पर हत्या के मामले में शक की सुई घूम रही है। पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुलिस जल्द ही हत्या के पर्दाफाश की बात भी कह रही है। अरविंद गुर्जर तीन भाइयों में सबसे बड़े थे,और वह अविवाहित थे। छोटे भाई रविंद्र गुर्जर व इमलिया निवासी उनके बहनोई शिवेंद्र गुर्जर ने भी ब्याज की बड़ी र

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