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इंदिरानगर के सेक्टर 20 में 25 मई को रिटायर्ड आईएएस अफसर देवेंद्र दुबे की पत्नी मोहिनी दुबे (58) की हत्या करने के लिए ड्राइवर अखिलेश यादव और उसका साथी रंजीत स्कूटी से पहुंचे थे।

रंजीत ने मोहिनी के सिर पर पेंचकस से वार किए और अखिलेश ने दुपट्टे से गला कसा था।


इसके बाद दोनों एक करोड़ के जेवरात लूटकर भाग निकले। अखिलेश का भाई रवि साजिश में शामिल रहा था। पुलिस ने मंगलवार को वारदात का खुलासा करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर दिया।


अखिलेश ने पुलिस को बताया कि उसके घंटी बजाने पर मोहिनी ने दरवाजा खोला। वह बोला, उसके दोस्त रंजीत को मदद की जरूरत है। नौकरी चाहिए। इस पर मोहिनी ने कहा, उसे बुला लाओ। अंदर आकर दोनों ने उनके पैर छुए।


फिर अचानक रंजीत ने पेंचकस से मोहिनी पर वार कर दिए और अखिलेश ने दुपट्टे से गला कसना शुरू किया। जब सांसें थम गईं तब दुपट्टा छोड़ा। फिर जेवरात बैग में भरे और स्कूटी से भाग निकले।


पता था नौकरानी शादी में गई है
देवेंद्र ने पुलिस को बताया था कि मोहिनी तभी दरवाजा खोलती थीं, जब कोई परिचित आता था। जब उन्होंने अखिलेश को देखा तो तुरंत दरवाजा खोल दिया। अखिलेश व रवि को पता था कि 25 मई को नौकरानी शादी में गई है, इसलिए वारदात के लिए शनिवार का दिन तय किया। उन्हें पता था कि सुबह सात से करीब दस बजे तक कोई आने वाला नहीं है।


जान से मार देना, छोड़ना मत…
वारदात की साजिश अखिलेश ने रची। जब उसने रवि से इस बारे में कहा तो वह तैयार हो गया। इसमें उसे एक और साथी की जरूरत थी। तब उसने घोसियाना कैंट निवासी दोस्त रंजीत को साजिश में शामिल किया। उसे भी पैसों की जरूरत थी।


आरोपियों ने बताया कि रवि ने कहा था कि केवल लूट करोगे तो मोहिनी पहचान जाएगी, जिससे सभी पकड़े जाएंगे। इस कारण उसने कहा था कि मोहिनी को हर हाल में मार देना, छोड़ना मत। अखिलेश और रंजीत ने वही किया।


अपनी समझ से पूरे जेवरात ले गए थे
वारदात के बाद अलमारी में जेवरात रह गए थे। सिर्फ एक हीरे की अंगूठी को छोड़कर जो गहने मोहिनी ने पहने थे, वे भी सुरक्षित थे। तब अंदेशा जताया जा रहा था कि शायद लूट नहीं, हत्या करने का इरादा था।

लेकिन, आरोपियों का कहना है कि गहने बटोरने के बाद उन्हें लगा कि अब कुछ बचा नहीं है। वे अपनी समझ से पूरे जेवरात ले गए थे। उनके पास काफी गहने हो चुके थे, इसलिए मोहिनी के पहने गहने नहीं उतारे।


ये था मामला
आपको बता दें कि लखनऊ के इंदिरानगर के सेक्टर-20 में शनिवार सुबह बदमाशों ने दिनदहाड़े घर में घुसकर सेवानिवृत्त आईएएस देवेंद्र दुबे की पत्नी मोहिनी दुबे की हत्या कर लूटपाट की थी। देवेंद्र गोल्फ खेलकर घर पहुंचे तो पहली मंजिल पर पत्नी का शव पड़ा देखा। दुपट्टे से गला कसा था और सिर पर भारी चीज से वार किया गया था।


पुलिस, डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम ने छानबीन की। वारदात के खुलासे के लिए पांच टीमों को लगाया गया था। सेवानिवृत्त आईएएस देवेंद्र दुबे की पहली पत्नी मीना का निधन हो चुका है।


वे इंदिरानगर के सेक्टर-20 में मकान नंबर 20/31 में दूसरी पत्नी मोहिनी दुबे (58) के साथ रहते थे। देवेंद्र प्रयागराज के मंडलायुक्त के साथ रायबरेली व कई जिलों के डीएम रह चुके हैं।


2007 में मोहिनी से की थी दूसरी शादी
देवेंद्र की पहली पत्नी मीना की 2004 में मौत हो गई थी। 2007 में उन्होंने कैंट सदर निवासी मोहिनी से दूसरी शादी की। मोहिनी महिला सशक्तीकरण संबंधी एनजीओ चलाती थीं। देवेंद्र 2009 में सेवानिवृत्त हुए थे। देवेंद्र के पहली पत्नी से दो बेटे हैं। जिसमें बड़ा बेटा प्रांजल है। जो परिवार के साथ नोएडा में रहते हैं।


पिता के दूसरी शादी करने के बाद से एक तरह से उन्होंने खुद को अलग कर लिया था। पिता से मतलब नहीं रखते हैं। वहीं छोटा बेटा प्रतीक तकरोही में रहते हैं। एसीपी गाजीपुर के मुताबिक शराब के लती प्रतीक को देवेंद्र ने बेदखल किया है। मोहिनी से देवेंद्र को कोई बच्चा नहीं था।

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