नई दिल्ली।
अवैध ई-फार्मेसियों और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों द्वारा दवा बिक्री के चौंकाने वाले खुलासे के बाद, देशभर के 12.40 लाख से अधिक वैध ब्रिक-एंड-मोर्टार फार्मेसियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन ऑल इंडिया ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
AIOCD ने जनहित में अवैध ई-फार्मेसियों को तुरंत बंद कराने और अनियंत्रित डिजिटल बिक्री को बढ़ावा देने वाले GSR 817 तथा GSR 220 को तत्काल वापस लेने की मांग को अत्यंत गंभीरता से दोहराया है।
🚨 जाँच में खुला बड़ा घोटाला
AIOCD के अध्यक्ष जे एस शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल ने एक संयुक्त बयान में चेतावनी दी कि अवैध ई-फार्मेसियों, खासकर Blinkit जैसे क्विक-कॉमर्स ऐप्स द्वारा बिना किसी वैध चिकित्सीय परीक्षण, बिना योग्य डॉक्टर और बिना लाइसेंस के दवाओं—विशेषकर एंटीबायोटिक्स—की बिक्री, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भयावह खतरा बन चुकी है।
इंडिया टुडे की हालिया खोजी रिपोर्ट में यह उजागर हुआ है कि कुछ क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अज्ञात और नकली “डॉक्टरों” के माध्यम से बिना जाँच के प्रिस्क्रिप्शन दवाएँ सप्लाई कर रहे हैं। यह न केवल फार्मेसी एवं मेडिकल कानूनों का खुला उल्लंघन है, बल्कि देश में एंटीबायोटिक रेज़िस्टेंस और गलत दवाइयों के खतरे को कई गुना बढ़ा रहा है।
⚠️ कानून का गंभीर उल्लंघन
AIOCD ने बताया कि ई-फार्मेसी और क्विक कॉमर्स द्वारा की जा रही ये अवैध गतिविधियाँ निम्नलिखित कानूनों का गंभीर उल्लंघन हैं:
- ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट
- ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज एक्ट
- फार्मेसी एक्ट
- टेलीमेडिसिन गाइडलाइंस
- मेडिकल एथिक्स रेगुलेशंस
- NMC कोड ऑफ कंडक्ट
संगठन ने कहा कि इसके बावजूद कई प्लेटफॉर्म बिना लाइसेंस, बिना योग्य फार्मासिस्ट और बिना चिकित्सा रिकॉर्ड के संचालन जारी रखे हुए हैं।
📢 AIOCD की प्रधानमंत्री से तीन प्रमुख माँगें
AIOCD ने प्रधानमंत्री से जनता की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित तीन प्रमुख माँगें रखी हैं:
- भारत में संचालित सभी अवैध ई-फार्मेसियों पर तत्काल रोक, जिसमें क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों की अवैध दवा बिक्री भी शामिल है (माननीय दिल्ली हाई कोर्ट के 12.12.2018 के आदेश के अनुरूप)।
- GSR 817 और GSR 220 का तत्काल निरस्तीकरण, जो अनियंत्रित डिजिटल दवा बिक्री को बढ़ावा देते हैं।
- जनता, बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीण नागरिकों को खतरनाक ऑनलाइन मेडिकल प्रथाओं से तत्काल सुरक्षा प्रदान करना।
AIOCD का स्पष्ट संदेश है कि भारत जैसे विशाल देश में दवाओं की बिक्री केवल लाइसेंस प्राप्त और योग्य फार्मासिस्ट द्वारा ही होनी चाहिए, और ऑनलाइन अवैध प्रथाओं को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता है।


