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वेकेशन जज न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकलपीठ ने एसआईटी और राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।

नैनीताल हाईकोर्ट ने बुधवार को यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी हाकम सिंह रावत की जमानत याचिका पर सुनवाई की। हाकम सिंह ने कहा कि एसआईटी के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं। इसी कारण उन्हें निचली कोर्ट से एक मामले में जमानत मिल चुकी है। इसलिए शेष मामलों में भी उन्हें जमानत दी जाए। वेकेशन जज न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकलपीठ ने एसआईटी और राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।

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मले के अनुसार 2016 में यूकेएसएसएससी ने प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर वीपीडीओ की परीक्षा करवाई थी। आरोप है कि मुख्य आरोपी हाकम सिंह रावत व कई अन्य आरोपियों ने मिलकर उत्तराखंड व यूपी के कई जिलों में इसका प्रश्नपत्र लीक करवाया था।

एसआईटी ने देहरादून के रायपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। सबूतों के आधार पर एसआईटी ने हाकम सिंह को 14 अगस्त 2022 को गिरफ्तार किया, तब से वह जेल में बंद है। निचली अदालत की ओर से 31 जनवरी 2023 को संबंधित मामले में एसआईटी की ओर से सबूत पेश न करने पर जमानत दे दी है जबकि अन्य आरोपों में जमानत नहीं दी।

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जमानत याचिका में कहा गया है कि एसआईटी अभी तक उनके खिलाफ निचली अदालत में कोई सबूत पेश नहीं कर पाई है। एसआईटी के पास उनके खिलाफ कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है, न ही उसने अभी तक कोई ठोस साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत किए हैं। उनके खिलाफ राजनीतिक दुर्भावना के चलते आरोप लगाए गए हैं। जबकि वे ग्राम प्रधान व जिला पंचायत सदस्य भी रह चुके हैं। इसी मामले में निचली अदालत कई अन्य आरोपियों को जमानत दे चुकी है। इसका लाभ उन्हें भी दिया जाए।

 

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