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उत्तराखंड में तीन मामलों में साइबर ठगों ने 93 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की. इसमें एक मामला हरिद्वार जबकि दो मामले देहरादून के हैं. तीनों को ही रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट का लालच देकर ठगा गया है.

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में एक ही दिन में करोड़ों रुपए के धोखाधड़ी के 3 अलग-अलग मामलों में शिकायत दर्ज हुई है. साइबर ठगों ने व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर टास्क देकर रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट का आश्वासन देकर आम जनता के विभिन्न खातों से धोखाधड़ी की है. तीनों मामलों में 93 लाख 37 हजार 482 रुपए की धोखाधड़ी की गई है.

पहला मामला

साइबर ठगों द्वारा हरिद्वार निवासी पीड़ित को मोबाइल पर व्हाट्सएप मैसेज कर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया. उसके बाद अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा टेलीग्राम ग्रुप में संपर्क कर गूगल मैप पर होटल्स को पांच स्टार रेटिंग करने के लिए कहा गया, जिसमें प्रति रेटिंग 50 रुपये कमाने का लालच दिया गया. इसके बाद आगे के कार्य का टास्क देकर 30 प्रतिशत रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट का आश्वासन देकर अलग-अलग खातों में कुल 39 लाख 87 हजार 7 रुपये जमा करवाकर धोखाधड़ी की गई.

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दूसरा मामला

देहरादून का है जहां साइबर ठगों ने पीड़ित को व्हाट्सएप नंबर पर पार्ट टाइम जॉब के नाम पर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर टास्क देकर सभी टेलीग्राम हैंडल पर निवेश करने और 30 से 40 फीसदी लाभ कमाने का आश्वासन दिया. उसके बाद अलग-अलग खातों में कुल 34 लाख 8 हजार 575 रुपए जमाकर धोखाधड़ी की. पीड़ित ने बताय कि एक व्हाट्सएप नंबर पर घर बैठे पार्ट टाइम जॉब करने के लिए एक लिंक दिया गया. लिंक को क्लिक करने पर अज्ञात साइबर ठगों ने अपने आप को 99 एसर्स का कर्मचारी बताकर अलग-अलग खातों में रुपए जमा करवाए और रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट का लालच देकर धोखाधड़ी की.

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तीसरा मामला

देहरादून का है जहां साइबर ठगों ने अपना नाम मैडी मैडिसन बताते हुए मोबाइल से पीड़ित के मोबाइल पर व्हाट्सएप मैसेज कर गूगल रिव्यू पर रेटिंग कर लाभ कमाने का लालच दिया. इसके बाद टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर आगे रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट का टास्क देकर अलग-अलग खातों में कुल 19 लाख 41 हजार 900 रुपए जमा कराकर धोखाधड़ी की गई है.

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एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि आरोपियों द्वारा नामी गिरामी कंपनियों की फर्जी वेबसाइट बनाकर आम जनता से व्हाट्सएप, ई-मेल, दूरभाष और अन्य सोशल साइटों के माध्यम से संपर्क कर स्वयं को अलग-अलग नामी-गिरामी कंपनियों के एचआर और कर्मचारी बताया जाता है. इसके बाद प्रतिदिन 3 से 8 हजार रुपए कमाने का प्रलोभन देकर जॉब ऑफर का लिंक भेजकर टेलीग्राम एप डाउनलोड कराकर और अपने टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर अलग-अलग यूट्यूब वीडियो लाइक और सब्सक्राइब करने के टास्क दिए जाते हैं. उसमें निवेश कर अधिक लाभ कमाने का लालच देकर धोखाधड़ी से अलग-अलग लेन-देन के माध्यम से धनराशि प्राप्त करते हैं.

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