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हिंदू धर्म में चारधाम यात्रा को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। हर साल चार धाम यात्रा एक निश्चित अवधि में शुरू होती है, जिसमें बद्रीनाथ धाम यात्रा विशेष मानी जाती है।

ऐसा इसलिए क्योंकि उत्तराखंड में बद्रीनाथ धाम को भगवान विष्णु का मुख्य निवास स्थान माना जाता है। इसके अलावा बद्रीनाथ धाम को धरती का वैकुंठ धाम भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि श्री हरि विष्णु अपने छह महीने के विश्राम के दौरान यहां निवास करते हैं। इस मंदिर के कपाट खुलने से पहले जोशीमठ के नरसिम्हा मंदिर में गरुड़ छाड़ उत्सव मनाने की परंपरा है। जोशीमठ के गरुड़ छाड़ मेले में हर साल बड़ी संख्या में भगवान बद्रीनाथ के भक्त आते हैं। आइए जानते हैं कब से खुलेंगे बद्रीनाथ के कपाट। यहां जानें डेट और महत्व।

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Badrinath Starting Date 2024 (बद्रीनाथ के कपाट खुलने का समय)

बद्रीनाथ धाम के कपाट 12 मई 2024 को ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 6 बजे खोले जाएंगे। मंदिर शीतकाल में छह महीने के लिए बंद रहता है। ऐसा माना जाता है कि इस अवधि के दौरान भगवान श्रीहरि विष्णु यहीं निवास और विश्राम करते हैं।

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6 महीने तक क्यों बंद रहते हैं कपाट

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट छह महीने के लिए बंद रहेंगे और अब छह महीने बाद टिहरी राज दरबार में कपाट खोलने की तारीख की घोषणा की जाएगी। यहां पर ठंड बहुत पड़ती है। बर्फवारी के कराण 6 महीने के लिए बद्रीनाथ के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दौरान श्री हरि विश्राम करने के लिए चले जाते हैं।

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कैसे तय होती है कपाट खुलने की तारीख

बद्रीनाथ धाम के बंद और खुलने की परंपरा चली आ रही है। यहां हर साल बसंत पंचमी के दिन, टिहरी दरबार के पुजारी राजा की कुंडली में ग्रहों की स्थिति की गणना करके तिथि निर्धारित करते हैं। टिहरी नरेश को ही भगवान बद्री विशाल का कुल देवता माना जाता है। राजशाही काल से ही राजमहल से मंदिर के बंद होने और खुलने की घोषण की जाती है।

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