लालकुआं। स्थानीय मदरसन फैक्ट्री में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच चल रहा विवाद अब सुलझने की ओर है। फैक्ट्री के एचआर हेड सुभाष तिवारी ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत 14 सूत्रीय मांग पत्र में से 12 प्रमुख मांगों को प्रबंधन ने स्वीकार कर लिया है। प्रबंधन के इस सकारात्मक रुख के बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी वापस अपने काम पर लौट आए हैं।
वेतन विसंगति पर स्पष्टीकरण:
वेतन वृद्धि के मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करते हुए एचआर हेड ने कहा कि वर्तमान में सभी कर्मचारियों को सरकारी शासनादेश के अनुरूप ही वेतन का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में सरकार द्वारा जैसे ही कोई नया शासनादेश या नया वेतनमान जारी किया जाएगा, उसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने सभी आंदोलनरत कर्मचारियों से अपील की है कि वे कंपनी और स्वयं के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए काम पर वापस लौटें।
विधायक की मध्यस्थता का विरोध:
इससे पूर्व, क्षेत्रीय विधायक डॉ. मोहन बिष्ट ने फैक्ट्री प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच गतिरोध समाप्त कराने के लिए वार्ता के कई प्रयास किए। वार्ता के दौरान एसपी सिटी मनोज कत्याल, उपजिलाधिकारी लालकुआं रेखा कोहली और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन सिंह राणा भी उपस्थित रहे। हालांकि, कुछ कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे और विधायक के समक्ष ही नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों के कड़े रुख को देखते हुए विधायक को अंततः वहां से वापस लौटना पड़ा।
प्रदर्शन की वर्तमान स्थिति:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर बाद तक फैक्ट्री परिसर के बाहर कई थानों की पुलिस मुस्तैद रही। आंदोलन में शामिल 50 से अधिक कर्मचारी ड्यूटी पर वापस लौट चुके हैं, जबकि लगभग इतने ही कर्मचारी अपने घरों को चले गए। हालांकि, 100 से अधिक कर्मचारी अभी भी फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर अपनी शेष मांगों को लेकर डटे हुए हैं। स्थानीय युवाओं और जन प्रतिनिधियों ने भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में धरना स्थल पर उपस्थिति दर्ज कराई।


