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📍 नैनीताल | संवाददाता रिपोर्ट

उत्तराखंड के पर्यटन नगर नैनीताल में एक बार फिर ऐतिहासिक ‘ओल्ड लंदन हाउस’ में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया।
सोमवार देर रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच हुई इस घटना में कई दुकानें जलकर राख हो गईं।
हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली।
आग पर दमकल विभाग और स्थानीय लोगों की मदद से घंटों की मशक्कत के बाद काबू पाया गया। 🚨🔥


Highlights (मुख्य बिंदु):

🔥 ब्रिटिशकालीन ‘ओल्ड लंदन हाउस’ में भीषण आग
🎆 आतिशबाजी से आग लगने की आशंका
🕒 देर रात 2:30 से 3:00 बजे के बीच लगी आग
🚒 दमकल ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया नियंत्रण
🏚️ कई दुकानें जलकर राख, कोई हताहत नहीं
🏔️ नैनीताल की ऐतिहासिक पहचान को एक और झटका


🚨 देर रात भड़की आग — ऐतिहासिक इमारत में फिर लगी लपटें 🌃

सूत्रों के अनुसार, सोमवार रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच
मल्लीताल स्थित मोहनको चौराहा के पास बने ओल्ड लंदन हाउस में आग की लपटें उठती देखी गईं।
स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, “आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास की दुकानों में भी लपटें पहुंच गईं।
दमकल कर्मियों को पानी की कमी और ऊँचाई की वजह से आग बुझाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।”


🚒 दमकल की टीम ने की मशक्कत, पानी की कमी से बढ़ी दिक्कत 💦

दमकल विभाग की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं,
लेकिन पानी की सप्लाई बाधित होने से राहत कार्य में देर हुई।
स्थानीय लोग बाल्टियों और पाइपों से पानी डालकर आग बुझाने में जुटे रहे।

शहर के एसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया —
“फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है।
प्रारंभिक जांच में आतिशबाजी से आग लगने की आशंका है।”


🏚️ साल में दूसरी बार आग का शिकार हुआ ‘ओल्ड लंदन हाउस’ 😔

यह पहली बार नहीं है जब इस ऐतिहासिक इमारत में आग लगी हो।
इसी साल 27 अगस्त 2025 को भी यहां भीषण अग्निकांड हुआ था,
जिसमें इमारत का बड़ा हिस्सा जल गया था और एक वृद्धा की मौत हो गई थी।

स्थानीय लोगों ने कहा —
“इतिहास से जुड़ी यह इमारत अब अपनी पहचान खोती जा रही है।
प्रशासन को इसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।”


🕰️ ओल्ड लंदन हाउस — नैनीताल की ब्रिटिश विरासत का प्रतीक 🇬🇧

19वीं सदी में निर्मित ओल्ड लंदन हाउस
ब्रिटिश अधिकारियों और मिशनरियों के ठहरने का स्थान हुआ करता था।
यह इमारत नैनीताल झील के किनारे स्थित
ब्रिटिशकालीन स्थापत्य कला का दुर्लभ उदाहरण है।

यह स्थान अंग्रेज़ी दौर के उन चुनिंदा भवनों में शामिल है
जो नैनीताल को ‘ब्रिटिश समर कैपिटल’ के रूप में पहचान दिलाते थे।
लेकिन हाल के वर्षों में असुरक्षित वायरिंग और देखरेख की कमी
ने इसे लगातार हादसों की जद में ला दिया है।


🧭 संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial View):

देवभूमि की पहचान बन चुके ऐसे ऐतिहासिक ढांचे
सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं।
बार-बार लगने वाली आग यह बताती है कि
संरक्षण व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की कमी कितनी बड़ी चिंता है।
नैनीताल प्रशासन को चाहिए कि
ऐसे भवनों में फायर सेफ्टी और निगरानी सिस्टम को तत्काल लागू करे।


📊 घटना का सारांश (Quick Recap):

🔢 विवरण जानकारी
📍 स्थान मल्लीताल, मोहनको चौराहा, नैनीताल
🕒 समय रात 2:30–3:00 बजे के बीच
🔥 घटना ओल्ड लंदन हाउस में आग
💥 संभावित कारण आतिशबाजी या शॉर्ट सर्किट
🚒 दमकल कार्यवाही घंटों की मशक्कत के बाद नियंत्रण
🏚️ नुकसान कई दुकानें जलकर राख
🙏 जनहानि कोई नहीं
📜 इतिहास 19वीं सदी में ब्रिटिश मिशनरी रेस्ट हाउस के रूप में निर्मित
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