
नैनीताल। दीपावली के त्योहार को सुरक्षित और स्वस्थ तरीके से मनाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल डॉ. रश्मि पंत ने जनपदवासियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दीपावली खुशियों, उमंग और आपसी सौहार्द का पर्व है, लेकिन त्योहार की रौनक के बीच अपने और परिवार के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सीएमओ ने आतिशबाजी के दौरान सतर्कता बरतने की सलाह देते हुए कहा कि छोटे बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें। पटाखे जलाते समय पानी की बाल्टी और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रखें। घरों, वाहनों और ज्वलनशील वस्तुओं के आसपास आतिशबाजी करने से बचें। पटाखे जलाते समय सूती एवं सुरक्षित कपड़े पहनें और आंखों तथा हाथों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
उन्होंने बताया कि आतिशबाजी से निकलने वाला धुआं और तेज आवाज सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों, बुजुर्गों, छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। अस्थमा, हृदय रोग और सांस की परेशानी से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने यथासंभव ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करने और अनावश्यक आतिशबाजी से परहेज करने की अपील की।
खानपान को लेकर भी सीएमओ ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान मिलावटी मिठाइयों और खुले में रखे खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। ताजा एवं स्वच्छ भोजन करें तथा अत्यधिक तैलीय और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखें। साथ ही व्यक्तिगत स्वच्छता और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
डॉ. पंत ने पटाखों से जलने या किसी अन्य दुर्घटना की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल उचित प्राथमिक उपचार देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जलने पर प्रभावित हिस्से को लगभग 20 मिनट तक सामान्य ठंडे बहते पानी के नीचे रखें। जले हुए स्थान पर घी, तेल, टूथपेस्ट या किसी अन्य घरेलू पदार्थ का इस्तेमाल न करें। जरूरत पड़ने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जनपदवासियों से दीपावली को पर्यावरण के अनुकूल, प्रदूषण रहित और सुरक्षित तरीके से मनाने की अपील करते हुए कहा कि त्योहार की खुशियों के बीच किसी की सेहत और सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए।
अंत में उन्होंने समस्त जनपदवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए सभी के स्वस्थ, सुरक्षित और मंगलमय जीवन की कामना की।



