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बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम अधिसूचना: शीघ्र जारी करने की मांग को लेकर सचिवालय में अधिकारियों से मुलाकात बिंदुखत्ता की 80 हजार की आबादी बीते सात महीनों से राजस्व ग्राम अधिसूचना लंबित होने के कारण विद्युत, पेयजल, सिंचाई, पंचायती राज, कृषि, सड़क, बैंक ऋण जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है।

इस संबंध में वनाधिकार समिति बिंदुखत्ता के सदस्यों ने देहरादून स्थित सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव राजस्व डॉ. एस. एन. पांडेय एवं अपर सचिव राजस्व डॉ. आनंद श्रीवास्तव से अलग-अलग मुलाकात की। बैठक में एफआरए की विभिन्न धाराओं और पत्रावली में शामिल बिंदुखत्ता के साक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग उठाई गई।

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समिति ने इस बात पर जोर दिया कि वन विभाग की रिपोर्टों और भारत सरकार के जनजाति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार बिंदुखत्ता निवासी स्वयं को अन्य परंपरागत वन निवासी (OTFD) के रूप में तीन पीढ़ियों से वन आश्रित सिद्ध कर चुके हैं। ऐसे में अधिनियम के प्रावधानों का पालन करते हुए जल्द से जल्द बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित किया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्रवासियों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सके।

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शिष्टमंडल में शामिल संरक्षक बसंत पांडेय ने बताया कि समिति ने राजस्व ग्राम की पत्रावली को नियम विरुद्ध वन विभाग को भेजे जाने पर भी आपत्ति दर्ज कराई है।

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शिष्टमंडल में वनाधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, सचिव भुवन भट्ट, सदस्य उमेश भट्ट और संरक्षक बसंत पांडेय शामिल रहे।

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