उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जारी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने जनपद उधम सिंह नगर में एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। दिनेशपुर थाने में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (ASI) अनवर अहमद को ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

बिजली चोरी का मुकदमा निपटाने के नाम पर सौदा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी ASI अनवर अहमद ने एक व्यक्ति से बिजली चोरी के मुकदमे को रफा-दफा करने और मामले में राहत देने के नाम पर रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता द्वारा इस संबंध में सतर्कता सेक्टर हल्द्वानी को सूचना दी गई, जिसके बाद विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाया।
हल्द्वानी विजिलेंस टीम की घेराबंदी
जैसे ही शिकायतकर्ता ने ASI अनवर अहमद को रिश्वत की ₹15,000 की राशि थमाई, सतर्कता सेक्टर हल्द्वानी की टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगे हाथों दबोच लिया। विजिलेंस की इस त्वरित कार्यवाही से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
एसएसपी ने की तत्काल निलंबन की कार्यवाही
मामले की गंभीरता और भ्रष्टाचार के पुख्ता प्रमाण मिलने पर एसएसपी उधम सिंह नगर ने कड़ा रुख अपनाया है। आरोपी ASI अनवर अहमद को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। विभाग द्वारा आरोपी के विरुद्ध विभागीय जांच के भी आदेश दे दिए गए हैं।
विजिलेंस विभाग का संदेश:
सतर्कता विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत टोल-फ्री नंबर पर इसकी सूचना दें। आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।


