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केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाली कक्षा दस की छात्रा का शव उसके कमरे में फंदे पर लटका मिला। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। कोतवाली क्षेत्र के नवाबी रोड स्थित मथुरा विहार निवासी हरीश चंद्र जोशी मूलरूप से अल्मोड़ा के सोमेश्वर स्थित सर्प गांव के रहने वाले हैं।

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केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाली कक्षा दस की छात्रा का शव उसके कमरे में फंदे पर लटका मिला। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। कोतवाली क्षेत्र के नवाबी रोड स्थित मथुरा विहार निवासी हरीश चंद्र जोशी मूलरूप से अल्मोड़ा के सोमेश्वर स्थित सर्प गांव के रहने वाले हैं। यहां पत्नी रेखा, बेटी तनुजा और बेटे चंद्रशेखर के साथ किराए के मकान में रहते हैं। वह प्लंबर हैं। रविवार दोपहर उनकी बेटी तनुजा (16) का शव कमरे में फंदे पर लटका मिला। वह केंद्रीय विद्यालय में कक्षा दस की छात्रा थी। इन दिनाें उसकी परीक्षाएं चल रही थीं। 21 मार्च को उसका गणित का अंतिम पेपर होना था। बताया कि रविवार की सुबह तनुजा ट्यूशन गई थी।

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लौटकर तनुजा ने सभी के साथ खाना खाया। पुलिस के मुताबिक, तनुजा के पिता हरीश कठघरिया इलाके में काम करने चले गए। उसकी मां रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाती हैं, वह दुकान पर चली गईं और छोटा भाई चंद्रशेखर कुत्ता टहलाने चला गया।

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जब चंद्रशेखर लौटा तो उसने तनुजा के कमरे का दरवाजा खटखटाया। काफी देर तक आवाज देने के बाद भी तनुजा का जवाब नहीं आया तो उसने परिजनों को बुलाया। पिता ने दरवाजा तोड़ा तो तनुजा फंदे पर लटकी हुई थी।

तनुजा को फंदे से उतारकर वे सुशीला तिवारी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मेडिकल चौकी पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

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मां की डांट से भाई को बचाने के लिए दी थी हिदायत

खाना खाने के बाद जब तनुजा का छोटा भाई कुत्ता टहलाने के लिए बाहर गया तो तनुजा ने उससे सड़क की तरफ जाने से मना किया था। मां की डांट से छोटे भाई को बचाने वाली तनुजा की आवाज दोबारा कभी नहीं सुन पाएगा यह बात शायद छोटे भाई को पता न थी। जब घर लौटा और बहन को हमेशा के लिए खो देने का पता चलते ही वह भी सदमे में है।

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