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​बिंदुखत्ता (नैनीताल):

बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर ग्रामीणों का जनांदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। पदयात्रा के 23वें दिन करीब 1500 ग्रामीणों ने एकजुट होकर शासन-प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। शांतिनगर से शुरू होकर हल्दूधार होते हुए यह यात्रा गांधीनगर स्थित भगवती मंदिर पहुंची, जहां रात्रि विश्राम के बाद अगले चरण की यात्रा शुरू होगी। पदयात्रा के दौरान ग्रामीण जनगीतों और लोकगीतों की धुन पर अपनी जायज मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते रहे।

​11 हजार से अधिक दावेदारों का प्रस्ताव शासन में लंबित

विभिन्न पड़ावों पर आयोजित नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए वन अधिकार संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भरत नेगी ने कहा कि बिंदुखत्तावासी पीढ़ियों से जंगलों पर आश्रित हैं। वनाधिकार अधिनियम, 2006 के तहत बिंदुखत्ता क्षेत्र राजस्व ग्राम की सभी पात्रताएं पूरी करता है।

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​उन्होंने बताया कि बिंदुखत्ता की 32 बस्तियों के 11,703 दावेदारों द्वारा धारा 3(1)(ज) के तहत सामुदायिक दावा पेश किया गया था। इस दावे को 19 जून 2024 को जिला स्तरीय वन अधिकार समिति (DLC) द्वारा सर्वसम्मति से पारित करके राजस्व ग्राम की अधिसूचना व बंदोबस्ती की कार्यवाही हेतु शासन को भेजा जा चुका है।

​राधा रतूड़ी के निर्देशों की भी अनदेखी

नेगी ने आगे कहा कि तत्कालीन मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने भी 21 अक्टूबर 2024 को राजस्व सचिव को इस संबंध में तत्काल अधिसूचना जारी करने के लिखित आदेश दिए थे। इसके बावजूद मामला फाइलों में दबा हुआ है। अधिसूचना जारी न होने के कारण बिंदुखत्ता के निवासी केंद्र और राज्य सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।

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​गौलापार के साथ संयुक्त आंदोलन की तैयारी

वन अधिकार संगठन के संरक्षक रमेश गोस्वामी ने ऐलान किया कि बिंदुखत्ता का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही गौलापार में भी राजस्व ग्राम की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे ग्रामीणों से मुलाकात करेगा। दोनों क्षेत्रों के जनांदोलनों को मिलाकर एक संयुक्त संघर्ष समिति बनाने पर विचार चल रहा है। जरूरत पड़ने पर प्रस्तावित बड़ी रैली को लालकुआं के बजाय हल्द्वानी में संयुक्त रूप से आयोजित किया जाएगा।

​आंदोलन में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद

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आज के प्रदर्शन और पदयात्रा में संगठन अध्यक्ष उमेश भट्ट, अर्जुन नाथ गोस्वामी, बलवंत बिष्ट, रमेश गोस्वामी, जीवन पांडेय, मनोज दानू, दीपक जोशी, भरत नेगी, दीपक रौतेला, नंदन बोरा, बलवंत परिहार, सोहन लाल, दौलत सिंह कोरंगा, भुवन शर्मा, कैलाश जोशी, धन सिंह गाड़िया, भूपेश जोशी, भवान सिंह कठायत, सूबेदार कुंदन सिंह रावत, खुशाल सिंह मेहता, त्रिलोक सिंह बिष्ट, लोकपाल सिंह, राम सिंह साह, पान सिंह रावत, राकेश कुनियाल, मदन कुनियाल, दिनेश पुरी, महावीर खत्री, अजीत सिंह, हिम्मत सिंह के साथ-साथ भारी संख्या में मातृशक्ति—कमला देवी, चंद्राकला कुनियाल, रेखा देवी, विनीता कोरंगा, हरकी देवी, जानकी देवी, खष्टी कोरंगा, हीरा देवी, गंगा देवी, कला देवी और हेमा देवी उपस्थित रहीं।

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By पंकज शर्मा

निष्पक्ष, सटीक और त्वरित समाचार आप तक पहुँचाने के संकल्प के साथ 'अग्रसर भारत' की नींव रखी गई है। डिजिटल मीडिया पत्रकारिता (DJNM) में प्रशिक्षित संपादक पंकज शर्मा के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य हर खबर को उसकी सच्चाई और जिम्मेदारी के साथ आपके सामने लाना है।