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पटवारी-लेखपाल भर्ती का पेपर लीक होने के बाद सवाल यह उठ रहा कि अति गोपन विभाग में मोबाइल इस्तेमाल करने की अनुमति किसने और क्यों दी। क्या वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इससे पहले उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के कार्यालय से भी एक कर्मचारी ने सचिवालय रक्षक भर्ती का पेपर पेन ड्राइव में कॉपी करके बाहर किया था।

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पटवारी-लेखपाल भर्ती का पेपर लीक होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार अति गोपन विभाग में मोबाइल कैसे पहुंचा। जिस विभाग से महत्वपूर्ण सूचनाएं बाहर होने का खतरा है। दरअसल, पटवारी भर्ती का पेपर लीक करने के आरोप में जिस अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी को एसटीएफ ने पकड़ा है, उसने 380 सवालों को वहां से अपनी पत्नी को भेजा था।

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अब सवाल यह उठ रहा कि अति गोपन विभाग में मोबाइल इस्तेमाल करने की अनुमति किसने और क्यों दी। क्या वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। एसटीएफ अब इन सभी सवालों की गुत्थी सुलझाने में लगी है। माना जा रहा कि कर्मचारी ने अति गोपन विभाग से ही मोबाइल के माध्यम से 380 सवालों को बाहर किया है।

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यूकेएसएसएससी के भीतर से पेन ड्राइव से निकला था पेपर
इससे पहले उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के कार्यालय से भी एक कर्मचारी ने सचिवालय रक्षक भर्ती का पेपर पेन ड्राइव में कॉपी करके बाहर किया था। तब भी यह सवाल उठे थे कि आयोग के भीतर ही ऐसी लापरवाही कैसे बरती जा सकती है।

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