
लालकुआँ / बिन्दुखत्ता:
बिन्दुखत्ता को वनाधिकार अधिनियम (Forest Rights Act) के तहत राजस्व गाँव का दर्जा देने की माँग को लेकर तहसील परिसर में स्थानीय ग्रामीणों का विरोध-प्रदर्शन लगातार तेज़ होता जा रहा है। इसी क्रम में आज सैकड़ों ग्रामीणों का क्रमिक अनशन व धरना 12वें दिन भी निरंतर जारी रहा।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वनाधिकार समिति के संरक्षक, वयोवृद्ध सामाजिक कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार श्याम सिंह रावत ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए तरह-तरह की अफ़वाहें फैलाकर बिन्दुखत्ता के निवासियों के बीच फूट डालने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वनाधिकार अधिनियम के तहत बिन्दुखत्ता को राजस्व गाँव घोषित करने से संबंधित पत्रावली (फ़ाइल) में किसी भी प्रकार की कोई कमी या त्रुटि नहीं है।
सभा को संबोधित करते हुए अन्य वक्ताओं ने कहा कि बिन्दुखत्ता को राजस्व गाँव का दर्जा देने हेतु आवश्यक सभी प्रशासनिक एवं कानूनी औपचारिकताएँ पूरी की जा चुकी हैं। इसके बावजूद पिछले ढाई वर्षों से यह पत्रावली शासन स्तर पर लंबित पड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस संवेदनशील मामले में अनावश्यक विलंब करना पूरी तरह अनुचित है।
वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार के इस उपेक्षात्मक और उदासीन रवैए के कारण बिन्दुखत्तावासियों में भारी निराशा और आक्रोश पनप रहा है। यदि जल्द ही माँग पूरी नहीं की गई तो आगामी विधानसभा चुनाव में सत्ता पक्ष को इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा।
आज के क्रमिक धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व संजयनगर द्वितीय (बिन्दुखत्ता) के ग्रामीणों ने किया, जिसकी अध्यक्षता कैप्टन मोहन सिंह धामी ने की तथा कार्यक्रम का संचालन नंदन बोरा द्वारा किया गया। धरना-प्रदर्शन के समापन पर रोज़ाना की भाँति तहसीलदार के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी प्रेषित किया गया।

प्रमुख रूप से उपस्थित जन:
आज के प्रदर्शन में मुख्य रूप से बंशीधर पाठक, दिलीप सिंह अधिकारी, नारायण नाथ, भवान सिंह धामी, हरीश चंदोला, गोविंद राम, हीरा सिंह मेहरा, ललित पलड़िया, तुलसी लोहनी, इंदु भट्ट, दीपा भट्ट, उमेश भट्ट, श्याम सिंह रावत, रमेश गोस्वामी, ममता बिष्ट, दीपा पाठक, तनु पलड़िया, विमला भट्ट एवं गोविंदी जोशी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।



