
लालकुआं (अग्रसर भारत)। तराई पूर्वी वन प्रभाग की डौली रेंज वन विभाग की टीम ने अवैध कटान और लकड़ी तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। गश्त के दौरान टीम ने अवैध रूप से काटी गई शीशम और सीरस की चिरान लकड़ी से लदे एक कैंटर वाहन को जब्त किया है।
यह पूरी कार्रवाई प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) दीपक कुमार और उप प्रभागीय वन अधिकारी अनिल जोशी के दिशा-निर्देशन तथा डौली रेंज के वन क्षेत्राधिकारी (RO) प्रदीप कुमार पंत के नेतृत्व में संपन्न हुई।
मुठभेड़ जैसी स्थिति, अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर फरार
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह वन विभाग को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि अवैध लकड़ी से लदा एक कैंटर (संख्या UP 15 FT 5016) किच्छा की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताए गए मार्ग पर नाकाबंदी कर दी।
इस दौरान संदिग्ध कैंटर आता दिखाई देने पर टीम ने उसे रोकने का इशारा किया। चालकों ने रुकने के बजाय वाहन को किच्छा की ओर तेजी से भगा दिया। वनकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुछ ही दूरी पर पीछा कर कैंटर को तो घेर लिया, लेकिन उसमें सवार तस्कर अंधेरे और आसपास के इलाके का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहे।
कैंटर सीज, भारतीय वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
पकड़े गए कैंटर की तलाशी लेने पर उसमें से भारी मात्रा में शीशम और सीरस की चिरान की गई लकड़ी बरामद हुई। वन विभाग की टीम ने वाहन और लकड़ी को कब्जे में लेकर डौली रेंज कार्यालय में खड़ा कर दिया है। वाहन मालिक व अज्ञात तस्करों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर वाहन को सीज कर दिया गया है। फिलहाल वन विभाग की टीम फरार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के लकड़ी माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।
कार्रवाई में शामिल वन टीम
तस्करी रोकने वाली इस टीम में मुख्य रूप से वन दरोगा पान सिंह मेहता, वन दरोगा जीवन आर्य, बीट अधिकारी हरेंद्र, भुवन चंद्र मैलानी, शाहिद बेग, रोशन बहादुर और कमल भाकुनी सहित कई वनकर्मी मौजूद रहे।


