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नशा मुक्ति केंद्र में होने गया था ठीक, मिली इतनी यातनाएं कि हो गई मौत, शव की हालत देख कांपे परिजन, देहरादून के नशा मुक्ति केंद्र में एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। केंद्र संचालकों ने इंसानियत की हदें पार कर दी। युवक को इतनी यातनाएं दीं कि उसकी मौत हो गई। इतना ही नहीं उसके शव को भी घर के बाहर फेंककर चले गए। युवक के शव की हालत देख परिजन सन्न रह गए।

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देहरादून के नशा मुक्ति केंद्र में एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। केंद्र संचालकों ने इंसानियत की हदें पार कर दी। युवक को इतनी यातनाएं दीं कि उसकी मौत हो गई। इतना ही नहीं उसके शव को भी घर के बाहर फेंककर चले गए। युवक के शव की हालत देख परिजन सन्न रह गए।

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मृतक युवक सिद्धू का शव घर में रख हुआ था। हर कोई उसके शरीर पर पड़े निशानों को देखकर हैरत में था। उसके मुंह और नाक से झाग निकल रहा था। उसके नितंबों पर चोट के ऐसे निशान थे, जिन्हें देखकर लग रहा था कि उसे फट्टों से बुरी तरह पीटा गया हो।

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उसका एक हाथ भी टूटा हुआ था। हालांकि, उसकी मौत कैसे हुई इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकता है। लिहाजा, पुलिस भी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

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बताया जा रहा है कि उसका एक हाथ भी टूटा हुआ था। गुस्साए परिजनों ने घर के बाहर हंगामा किया और फिर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर दी। पुलिस ने मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

युवक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। देर शाम तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई थी। जानकारी के मुताबिक टर्नर रोड गली नंबर एक का रहने वाला 22 वर्षीय सिद्धू शराब पीने का आदी था। परिजनों ने गत 22 मार्च को उसे चंद्रबनी स्थित न्यू आराध्या फाउंडेशन सोसाइटी के अंतर्गत संचालित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया।

इसके बाद से वह वहीं पर रह रहा था। उसकी कोई खबर घरवालों तक नहीं आती थी। घरवाले भी कभी उससे मिलने केंद्र में नहीं गए। इस बीच मंगलवार सुबह करीब सात बजे एक कार उनके घर के बाहर आकर रुकी। परिजन अभी घर के अंदर ही मौजूद थे।

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आसपास के सभी लोग काम पर जाने की तैयारी कर रहे थे। कार से तीन लोग उतरे और सिद्धू का शव दरवाजे पर डाल दिया। इसके बाद वहां से यह कहते हुए भाग गए कि इसकी मौत हो गई है। आसपास के लोगों ने कार का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन कार सवार वहां से भाग निकले।

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