बिंदुखत्ता चोरी कांड में नया मोड़: दलीप आर्य और गौरव जोशी पर लगे आरोपों के बीच पीड़ित ने पुलिस के दावों को नकारा, कहा— ‘असली सोने के जेवरात गायब, पुलिस जबरदस्ती मामला दबाने में जुटी’
लालकुआं/बिंदुखत्ता (अग्रसर भारत न्यूज़ पोर्टल):
उत्तराखंड के लालकुआं थाना क्षेत्र के अंतर्गत बिंदुखत्ता में हुए एक बड़े चोरी कांड में अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। लालकुआं पुलिस द्वारा चोरी के खुलासे के दावों को पूरी तरह से नकारते हुए पीड़ित महिला ने पुलिस की पोल खोल दी है। पीड़ित महिला का आरोप है कि पुलिस जिस सोने को बरामद दिखाकर मामले का पटाक्षेप करना चाहती है, वह सोना उनका है ही नहीं! महिला ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि पुलिस उन पर जबरन उस सोने को अपना स्वीकार करने का दबाव बना रही है।
क्या है पूरा मामला? (एफआईआर के अनुसार)
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिंदुखत्ता के संजय नगर द्वितीय (2) गाँव की रहने वाली पार्वती कोरंगा (पत्नी प्रताप सिंह कोरंगा) के घर में बीते दिनों एक बड़ी चोरी की वारदात अंजाम दी गई थी। पीड़िता के पति दिल्ली में कार्यरत हैं, जबकि एक बेटा बहरीन (विदेश) और दूसरा जयपुर में काम करता है।
घटना के दिन सुबह करीब 11:00 बजे पीड़िता अपने जेठ मोहन सिंह कोरंगा के घर (संजय नगर III) में आयोजित एक नामकरण संस्कार में शामिल होने गई थीं। जब दोपहर करीब 2:30 बजे वह वापस लौटीं, तो मुख्य द्वार का ताला टूटा हुआ मिला। घर के भीतर अलमारी का लॉकर काटकर चोरों ने लगभग 13 तोला सोने के जेवरात और ₹45,000 की नगदी समेत जरूरी एफडीआर (FDR) कागजात साफ कर दिए थे। पीड़िता ने तुरंत 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी थी। इस मामले में दलीप आर्य और गौरव जोशी पर गंभीर आरोप लगे हैं।
चोरी गए जेवरातों की पूरी सूची (पीड़िता के आवेदन के आधार पर):
पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई सूची में निम्नलिखित जेवरात चोरी होने की बात कही गई थी:
- मंगलसूत्र – 3 तोला 2 ग्राम
- मंगलसूत्र – 22 ग्राम
- मंगलसूत्र – 21 ग्राम
- मंगलसूत्र – 14 ग्राम
- पौंजी – 32 gram
- मांगटीका – 7 ग्राम
- नाक की नथ (लांग) – 2 रत्ती
- गले का चोकर सेट – 8 ग्राम
- झैला – 9 ग्राम 2 रत्ती
कुल चोरी: 8 से 10 तोले से अधिक का सोना व 46 हजार रुपये नगद।
पीड़ित महिला ने पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप: “मेरा असली सोना कहाँ है?”
DNN TV को दिए एक विशेष इंटरव्यू में पीड़ित महिला पार्वती कोरंगा ने लालकुआं पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:
“पुलिस ने जो सोना बरामद किया है, वह बेहद कम और घटिया है। वह मेरा असली सोना नहीं है। लालकुआं पुलिस और बिंदुखत्ता चौकी प्रभारी मुझ पर लगातार यह दबाव बना रहे हैं कि मैं इसी सोने को अपना मान लूं और मामले को रफा-दफा करूँ। पुलिस के इस रवैये से हम बेहद डरे हुए और नाराज हैं। हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है और पुलिस असली आरोपियों को बचाने या मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।”
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे हैं बड़े सवाल
इस खुलासे के बाद स्थानीय जनता में भी पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि:
- आखिर पुलिस पीड़ित महिला पर गलत बरामदगी को स्वीकार करने का दबाव क्यों बना रही है?
- दलीप आर्य और गौरव जोशी पर लगे आरोपों में पुलिस की ढीली कार्रवाई के पीछे क्या वजह है?
- क्या पुलिस अपनी पीठ थपथपाने के लिए किसी और का या नकली सोना बरामद दिखाकर केस बंद करना चाहती है?
इस मामले में पीड़ित महिला ने अब उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है और चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और उनका असली सोना बरामद नहीं कराया, तो वह उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से न्याय की गुहार, पीड़ित परिवार ने रो-रोकर लगाई मदद की अपील
स्थानीय पुलिस की इस कथित तानाशाही और ढुलमुल कार्यप्रणाली से तंग आकर अब पीड़ित परिवार ने सीधे उत्तराखंड के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के द्वार पर दस्तक दी है। पीड़ित महिला पार्वती कोरंगा ने रोते हुए मुख्यमंत्री धामी जी से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा—
“मुख्यमंत्री जी, हम एक सीधे-साधे और कामकाजी परिवार से हैं। हमारे घर में दिनदहाड़े लाखों की चोरी हो गई, लेकिन पुलिस हमारी सुनने के बजाय हम पर ही झूठा दबाव बना रही है। हमें लालकुआं पुलिस की इस जांच पर अब रत्ती भर भी भरोसा नहीं रहा। हमारी आपसे हाथ जोड़कर विनती है कि इस मामले का संज्ञान लें, पुलिस के बड़े अधिकारियों से इसकी निष्पक्ष जांच कराएं और दलीप आर्य व गौरव जोशी पर लगे आरोपों की सच्चाई सामने लाकर हमें हमारा असली सोना वापस दिलाएं।”
पीड़ित परिवार का कहना है कि सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी हमेशा ‘जीरो टॉलरेंस’ और पीड़ितों को तुरंत न्याय दिलाने के लिए जाने जाते हैं, इसलिए उन्हें पूरी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री जी इस गंभीर मामले में हस्तक्षेप कर पुलिस की मनमानी पर लगाम लगाएंगे।


