खबर शेयर करें -

वन भूमि के अलावा अलग-अलग श्रेणी की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शासन- प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही हैं।

गौला नदी में रविवार से शुरू हुई  खनिज निकासी, निकासी गेटों से 1878 वाहनों द्वारा निकाला गया खनिज 

एक तरफ सरकार को कई योजनाओं के लिए भूमि तलाशनी पड़ रही है वहीं दूसरी तरफ लोगों ने भूमि पर अवैध कब्जे कर रखे हैं। अब इन कब्जों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। शासन अवैध कब्जे हटाने के लिए अब अभियान चलाएगा। इसके लिए सभी जिलों में टास्क फोर्स बनाने के निर्देश दिए हैं।

यह भी पढ़ें -  लालकुआं (बड़ी खबर) सांसद अजय भट्ट ने स्वतंत्रता दिवस पर रिबन काटकर किया लोकार्पण, नगर के प्रवेश मार्गों को मिला नया व आकर्षक स्वरूप

टास्क फोर्स को एक महीने के भीतर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का पता लगाकर इसे हटाना है। वन भूमि के अलावा अलग-अलग श्रेणी की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शासन- प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही हैं। 22 साल से राज्य की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे कर वहां दुकानें, घर व अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।

उमेश पाल हत्याकांड – उमेश पाल हत्याकांड में हुआ एक और एनकाउंटर, उस्मान चौधरी को लगी गोली

यह भी पढ़ें -  'भारत माता की जय' से गूंजा बिंदुखत्ता का कार रोड: कांग्रेसियों ने निकाली विशाल तिरंगा यात्रा

जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में बनाई टास्क फोर्स

अपर मुख्य सचिव गृह राधा रतूड़ी ने जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में टास्क फोर्स बनाने के आदेश जारी किए हैं। छह सदस्यीय टास्क फोर्स में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या पुलिस अधीक्षक सदस्य सचिव बनाए गए हैं। उनके अलावा प्रभागीय वन अधिकारी, मुख्य नगर अधिकारी, अधिशासी अभियंता (लोनिवि और सिंचाई) को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।

सघन अभियान चलाएगी टास्क फोर्स
आदेश में कहा गया है कि राज्य के कई स्थानों में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामले संज्ञान में आए हैं। इससे भविष्य में कानून व्यवस्था की प्रतिकूल स्थिति पैदा होने की संभावना है इसलिए टास्क फोर्स अपने जिलों में सरकारी भूमि से अतिक्रमण की पहचान और उसे हटाने का सघन अभियान चलाएगी। एक महीने इसकी रिपोर्ट शासन को देगी।

यह भी पढ़ें -  लालकुआँ: यूनिट हेड प्रणव शर्मा ने फहराया तिरंगा; बोले- 'सुरक्षा, गुणवत्ता और अनुशासन ही सच्ची स्वतंत्रता'
ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad