नैनीताल न्यूज़: जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त बताए गए दो सगे भाइयों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल की अदालत ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत दोनों को छह महीने के लिए नैनीताल जिले की सीमा से बाहर रहने के आदेश दिए हैं।
जिला बदर किए गए दोनों व्यक्ति थाना मुखानी क्षेत्र के लामाचौड़ के नाथूपुर पाडली निवासी बताए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, दोनों के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों और उनकी गतिविधियों को देखते हुए कानून एवं शांति व्यवस्था के मद्देनजर निरोधात्मक कार्रवाई की गई।
राजू सागर पर आबकारी अधिनियम के सात मामले
जिला बदर किए गए आरोपियों में राजू सागर पुत्र स्व. रामकुमार के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत सात मामले दर्ज बताए गए हैं। इसके अलावा उसके खिलाफ गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत भी एक प्रकरण दर्ज है।
प्रशासन ने आपराधिक रिकॉर्ड को कार्रवाई का प्रमुख आधार माना है। गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत हुई इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
पूरन सागर पर भी कई मुकदमे दर्ज
दूसरे आरोपी पूरन सागर पुत्र स्व. रामकुमार के खिलाफ आबकारी अधिनियम के चार मामले दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 504 और 506 के तहत एक मामला भी दर्ज बताया गया है। इन धाराओं से संबंधित मामला मारपीट, गाली-गलौज और धमकी से जुड़ा है।
छह महीने तक नैनीताल जिले में नहीं कर सकेंगे प्रवेश
जिला मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश के बाद दोनों आरोपियों पर छह महीने तक नैनीताल जनपद की सीमा में प्रवेश पर रोक रहेगी। प्रशासन का कहना है कि जिले में कानून-व्यवस्था और अमन-चैन बनाए रखने के लिए आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों के खिलाफ आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।


