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देहरादून (अग्रसर भारत न्यूज़):

उत्तराखंड में नए वित्तीय वर्ष (2026-27) की शुरुआत शराब के शौकीनों के लिए महंगी साबित हुई है। राज्य सरकार की नई आबकारी नीति के तहत आज, 1 अप्रैल से प्रदेश में शराब की कीमतों में बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। आबकारी विभाग द्वारा जारी नई दरों के अनुसार, विदेशी मदिरा (IMFL) की हर बोतल पर अब उपभोक्ताओं को ₹5 से लेकर ₹20 तक अतिरिक्त कीमत चुकानी होगी।

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जानिए किन ब्रांड्स पर पड़ा असर:

आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल के अनुसार, नई ‘कॉस्ट कार्ड’ नीति के तहत मध्यम श्रेणी के लोकप्रिय ब्रांड्स (जैसे मैकडॉवेल्स और आईबीआरएस) की कीमतों में ₹10 से ₹20 की वृद्धि की गई है। हालांकि, देशी शराब के दामों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है, जो मध्यम और निम्न आय वर्ग के लिए राहत की बात है। बड़े और प्रीमियम विदेशी ब्रांड्स के नए रेट तय करने की प्रक्रिया अभी जारी है।

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राजस्व पर सरकार का बड़ा दांव:

राज्य सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए आबकारी विभाग को ₹5400 करोड़ के राजस्व संग्रहण का विशाल लक्ष्य दिया है। प्रदेश में वर्तमान में संचालित लगभग 700 शराब की दुकानों के माध्यम से इस लक्ष्य को प्राप्त करने की योजना है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष दिसंबर के अंतिम सप्ताह में ही प्रदेश में ₹225 करोड़ से अधिक की रिकॉर्ड शराब बिक्री दर्ज की गई थी।

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कारोबारियों को भी बड़ी राहत:

नई नीति केवल कीमतों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार ने शराब लाइसेंस की अवधि को 3 वर्ष (2028 तक) के लिए प्रभावी कर दिया है। इससे शराब कारोबारियों को बार-बार होने वाले वार्षिक नवीनीकरण के झंझट से मुक्ति मिलेगी और वे अपने व्यवसाय की दीर्घकालिक योजना बना सकेंगे।

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