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देहरादून/दिल्ली: देवभूमि उत्तराखंड की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दिल्ली यात्रा और वहां पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ चल रही बैठकों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि राज्य में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार होने वाला है। यह विस्तार केवल राजनीतिक नियुक्तियां नहीं, बल्कि उत्तराखंड के चहुंमुखी विकास के लिए सरकार की कार्यक्षमता को दोगुनी करने का एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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​जनहित को प्राथमिकता: मंत्रिमंडल में वर्तमान में 5 पद रिक्त हैं। इन पदों के भरने से न केवल प्रशासनिक काम में तेजी आएगी, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय मंत्रियों की उपलब्धता भी बढ़ेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मुख्यमंत्री धामी इस बार ऐसे चेहरों को चुन सकते हैं जो सीधे जमीन से जुड़े हों और जिनके पास विकास का स्पष्ट विजन हो।

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​विकास का नया ढांचा: सोमवार को मुख्यमंत्री से मिलने वाले विधायकों की कतार और दिल्ली में जुटी राज्य की ‘कोर टीम’ इस ओर इशारा कर रही है कि भाजपा हाईकमान उत्तराखंड के क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधते हुए एक ‘सर्वस्पर्शी मंत्रिमंडल’ की रूपरेखा तैयार कर चुका है। लक्ष्य स्पष्ट है—अगस्त 2025 से जो चर्चाएं चल रही थीं, उन्हें अब ठोस धरातल पर उतारकर ‘विकसित उत्तराखंड’ के संकल्प को पूरा करना।

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By पंकज शर्मा

निष्पक्ष, सटीक और त्वरित समाचार आप तक पहुँचाने के संकल्प के साथ 'अग्रसर भारत' की नींव रखी गई है। डिजिटल मीडिया पत्रकारिता (DJNM) में प्रशिक्षित संपादक पंकज शर्मा के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य हर खबर को उसकी सच्चाई और जिम्मेदारी के साथ आपके सामने लाना है।