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देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में पार्किंग सुविधाओं का विस्तार तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आवास विभाग ने पिछले चार वर्षों में 63 पार्किंग परियोजनाओं के तहत कुल 4202 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग सुविधाएं तैयार की हैं।

सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं से पर्वतीय शहरों, पर्यटन स्थलों और धार्मिक क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या कम करने में मदद मिली है। जरूरत के अनुसार सरफेस पार्किंग, बहुमंजिला पार्किंग और ऑटोमेटेड पार्किंग जैसी सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है।

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नैनीताल में 700 वाहनों की पार्किंग

सरोवर नगरी नैनीताल में पार्किंग की समस्या को देखते हुए मेट्रोपोल होटल परिसर क्षेत्र में पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद यहां करीब 700 वाहन एक साथ खड़े किए जा सकेंगे। इससे पर्यटन सीजन के दौरान शहर में बढ़ने वाले यातायात दबाव और जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

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कैंची धाम में 500 से अधिक वाहनों की क्षमता

वहीं, कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। इसमें एक समय में 500 से अधिक वाहन पार्क किए जा सकेंगे। इससे कैंची धाम क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी।

सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत पर्वतीय जनपदों में पार्किंग सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। 63 पार्किंग परियोजनाओं के पूरा होने से स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं को राहत मिल रही है।

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सरकार की इस पहल से चारधाम यात्रा, पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के साथ पहाड़ी शहरों में व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था को मजबूत करने की उम्मीद है।

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