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देहरादून: मानसून के दौरान प्रदेश की सड़कों को हुए नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य की क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द से जल्द गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क मरम्मत और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ काम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सड़कों की मरम्मत में किसी भी तरह की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में सड़कों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और संबंधित विभागों व निर्माण एजेंसियों के कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

15 अक्टूबर के बाद कभी भी सड़क मार्ग से निकल सकते हैं CM धामी

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संकेत दिया कि 15 अक्टूबर के बाद वह प्रदेश के किसी भी हिस्से का अचानक सड़क मार्ग से दौरा कर सकते हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री सड़कों की वास्तविक स्थिति और चल रहे मरम्मत कार्यों का औचक निरीक्षण कर सकते हैं।

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मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग समेत सड़क निर्माण और मरम्मत से जुड़े विभागों पर काम समय पर पूरा करने का दबाव बढ़ गया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि मानसून के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत निर्धारित समय में पूरी हो और यात्रियों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।

चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं पर भी सीएम की नजर

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की नियमित निगरानी करने को कहा। जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी भी तरह की परेशानी न हो।

‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान पर जोर

मुख्यमंत्री ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तीसरे चरण को प्रभावी तरीके से संचालित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी सेवाओं का लाभ मिलना चाहिए।

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सीएम ने अधिकारियों से कहा कि शिविरों में पहुंचने वाले लोगों की समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य शासन और प्रशासन को जनता के करीब लाना तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।

‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा

बैठक के दौरान ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अभियान से जुड़े सभी कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने जनसेवा, जनभागीदारी और जनकल्याण को अभियान के केंद्र में रखते हुए अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं से जोड़ने पर जोर दिया।

स्वाइन फ्लू और जलजनित बीमारियों को लेकर अलर्ट

मानसून के बाद संभावित स्वास्थ्य चुनौतियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वाइन फ्लू समेत संक्रामक और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए भी जरूरी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए।

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उन्होंने जिलाधिकारियों को समय-समय पर अस्पतालों का निरीक्षण करने और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने को कहा। अस्पतालों में साफ-सफाई, जरूरी दवाइयों और चिकित्सा सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनकल्याण से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना चाहिए।

बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल सहित विभिन्न विभागों के सचिव और विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। प्रदेश के सभी जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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