हरिद्वार। हरिद्वार जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्य को कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जेल अधीक्षक को WhatsApp मैसेज और फोन कॉल के जरिए डराने-धमकाने की कोशिश की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल अधीक्षक ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार को लिखित शिकायत दी, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला जेल में बंद एक महिला बंदी से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, शीला नाम की महिला ने डिप्टी जेलर के साथ कथित तौर पर अभद्रता की थी। इस घटना के बाद जेल अधीक्षक मनोज आर्य ने महिला को फटकार लगाते हुए चेतावनी दी थी।
आरोप है कि घटना के करीब दो दिन बाद महिला से मिलने उसका कथित पति जेल पहुंचा। इसके बाद जेल अधीक्षक के मोबाइल पर धमकी भरे फोन कॉल और WhatsApp मैसेज आने शुरू हो गए।
लॉरेंस बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल
जेल अधीक्षक के अनुसार, फोन करने वाला व्यक्ति बातचीत के दौरान लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेकर धमकी दे रहा था। लगातार मिल रहे धमकी भरे संदेश और कॉल के बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब जांच टीम धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान करने के साथ ही कॉल और WhatsApp मैसेज से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
महिला बंदी और कथित पति की भूमिका की जांच
पुलिस जांच में यह भी देखा जा रहा है कि धमकी देने वाले व्यक्ति का जेल में बंद महिला से क्या संबंध है। जानकारी के अनुसार, शीला वर्ष 2023 से जुड़े एक मामले में रेप और पॉक्सो की गंभीर धाराओं में विचाराधीन बंदी बताई जा रही है।
महिला के कथित पति हिमांशु चड्ढा की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वह लुधियाना का निवासी बताया जा रहा है और वर्तमान में ऋषिकेश में रहने की जानकारी सामने आई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि धमकी वास्तव में किसने दी और इसके पीछे क्या मकसद था।


