
राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी न होने पर महारैली से घोषित होगी आंदोलन की अगली रणनीति: उमेश चंद्र भट्ट
बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर चल रहा धरना-प्रदर्शन 20वें दिन भी जारी रहा। खुरियाखत्ता नंबर एक ग्रामसभा के सैकड़ों ग्रामीणों ने धरने में शामिल होकर अपनी मांग को बुलंद किया। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
धरना कार्यक्रम के संयोजक मंगल सिंह कोश्यारी और सह-संयोजक हर सिंह कोरंगा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग उठाई। उन्होंने भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों पर इस मुद्दे को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सभी दलों को जनता के सामने राजस्व ग्राम बनाने की प्रक्रिया और समय-सीमा का स्पष्ट खाका प्रस्तुत करना चाहिए।

वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट ने आंदोलन के अगले चरण की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 20 दिसंबर को हल्द्वानी में विशाल महारैली आयोजित की जाएगी। इसमें नैनीताल जिले के वन क्षेत्रों में अधिकारों के लिए संघर्षरत वनाधिकार समितियों और ग्रामीणों को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिंदुखत्ता से भी हजारों ग्रामीण महारैली में भाग लेकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित करेंगे।
भट्ट ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि महारैली से पहले बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की अधिसूचना जारी नहीं की गई, तो 20 दिसंबर को महारैली के मंच से आंदोलन की अगली रणनीति और आगामी कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी।
सैकड़ों ग्रामीणों ने दर्ज कराई उपस्थिति
धरना-प्रदर्शन में खुरियाखत्ता के संयोजक मंगल सिंह कोश्यारी, सह-संयोजक हर सिंह कोरंगा, वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष सूबेदार मेजर खिलाफ सिंह दानू, कैप्टन इंद्र सिंह पनेरी, कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा, संगठन के सचिव अधिवक्ता बलवंत सिंह बिष्ट, उपसचिव नंदन बोरा, रमेश गोस्वामी,
मदन सिंह कोश्यारी, करम सिंह कोरंगा, दौलत सिंह कोरंगा, ममता बिष्ट, द्रौपदी देवी, दीपा देवी, लक्ष्मी कोरंगा, गंगा देवी, मुन्नी देवी, भागीरथी देवी और चंद्रा देवी सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।



