
देहरादून | 23 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा, बुनियादी ढांचे, प्रशासनिक व्यवस्था और जनकल्याण से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। गुरुवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में कुल 26 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को मुफ्त कोचिंग का लाभ देने के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख करना प्रमुख निर्णय रहा। इसके अलावा राज्य के आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाने वाले ₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट को भी स्वीकृति दी गई।
मुफ्त कोचिंग का दायरा बढ़ा, अधिक छात्रों को मिल सकता है लाभ
धामी कैबिनेट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए निशुल्क कोचिंग योजना की पात्रता में बड़ा बदलाव मंजूर किया है। परिवार की सालाना आय सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख किए जाने से पहले की तुलना में अधिक विद्यार्थी इस योजना के दायरे में आ सकेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले पात्र छात्रों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
₹7,412 करोड़ का अनुपूरक बजट मंजूर
कैबिनेट बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के लिए ₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट को भी हरी झंडी दी गई। सरकार इसे आगामी विधानसभा सत्र में सदन के पटल पर रखेगी। अनुपूरक बजट के माध्यम से वित्तीय वर्ष के दौरान आवश्यक अतिरिक्त खर्च के लिए प्रावधान किया जाता है। हालांकि, बजट की अलग-अलग मदों में राशि का विस्तृत ब्योरा सामने आने के बाद ही इसके विभागवार आवंटन की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में 5 अंकों की छूट
बैठक में दिव्यांगजनों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया। उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में दिव्यांग विद्यार्थियों को 5 अंकों की छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इस फैसले का उद्देश्य पात्र विद्यार्थियों को परीक्षा संबंधी राहत प्रदान करना है। इसके विस्तृत नियम और लागू होने की प्रक्रिया संबंधित विभाग की ओर से स्पष्ट की जाएगी।
सड़क और पुल निर्माण की प्रक्रिया में बदलाव
राज्य में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से सड़क और पुल निर्माण की स्वीकृति के लिए एक ही प्रक्रिया अपनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे संबंधित कार्यों की प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इस व्यवस्था के क्रियान्वयन और समयसीमा से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने आनी बाकी है।
धामी कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
बैठक में शिक्षा, ऊर्जा, पर्यावरण, राजस्व और प्रशासन से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
- ऊरेडा का पुनर्गठन: उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (UREDA) के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई।
- बालिका आवासीय विद्यालय को हाईस्कूल का दर्जा: ऊधमसिंह नगर जिले के राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को हाईस्कूल का दर्जा देने पर सहमति बनी।
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारियों के नियम: समूह-ग और समूह-घ के कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली को स्वीकृति दी गई।
- स्टांप मामलों में राहत: स्टांप संबंधी वादों के निस्तारण के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी मिली।
- जौनसारी नाम में संशोधन: उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 में जनजातियों की सूची में दर्ज ‘जन्नासारी’ को ‘जौनसारी’ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
- UCC में संशोधन: समान नागरिक संहिता के प्रावधानों में लिपिकीय त्रुटियों को दूर करने के लिए संशोधन को मंजूरी दी गई।
बैठक में दो मंत्री अनुपस्थित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मंत्री रेखा आर्य और राम सिंह कैड़ा उपस्थित नहीं थे। बैठक में स्वीकृत प्रस्तावों को लागू करने की प्रक्रिया संबंधित विभागों के स्तर पर आगे बढ़ाई जाएगी।
अब आगे क्या?
धामी कैबिनेट के इन फैसलों में शिक्षा योजनाओं की पात्रता बढ़ाने, दिव्यांग विद्यार्थियों को राहत देने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने से जुड़े कदम शामिल हैं। वहीं, ₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट पर आगामी विधानसभा सत्र में होने वाली कार्यवाही भी महत्वपूर्ण रहेगी। सभी 26 प्रस्तावों का विस्तृत आधिकारिक विवरण सामने आने के बाद उनके वित्तीय प्रभाव और आम जनता को मिलने वाले लाभों की अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। सभी 26 प्रस्तावों की पूरी सूची उपलब्ध न होने के कारण यहां प्रमुख रूप से बताए गए फैसलों को शामिल किया गया है।



