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लालकुआं। लगातार हो रही बारिश के कारण गौला नदी में आए तेज उफान से बिंदुखत्ता क्षेत्र के इंदिरा नगर (प्रथम व द्वितीय), गब्दा, रावत नगर, चौड़ाघाट और खुरियाखत्ता इलाकों में भारी भू-कटाव हो रहा है। सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि नदी में लीन हो चुकी है और दर्जनों मकान नदी के मुहाने पर आ गए हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है।

धरना स्थल पर पहुंचा प्रशासन, ज्ञापन सौंपा

कई दिनों से नदी तट पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे प्रभावित ग्रामीणों के बीच ‘वन अधिकार संगठन’ के प्रतिनिधि पहुंचे। संगठन ने मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गौला नदी के तट पर अविलंब स्थायी सुरक्षा तटबंध (सुरक्षा दीवार) का निर्माण करने, प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने और नदी में चुगान कार्य शुरू कराने की मांग की गई।

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वन अधिकार अधिनियम और जनकल्याणकारी योजनाओं का मुद्दा

वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट ने बताया कि 19 जून 2024 को जिला स्तरीय वन अधिकार समिति (DLC) द्वारा बिंदुखत्ता की 32 बस्तियों के 11,703 दावेदारों का सामुदायिक दावा सर्वसम्मति से पास कर शासन को भेजा जा चुका है। इसके बावजूद राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी न होने के कारण ग्रामीण सरकारी योजनाओं और राहत सुविधाओं से वंचित हैं।

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​इसके अतिरिक्त, हाथी कॉरिडोर क्षेत्र होने के कारण कई वर्षों से नदी में चुगान कार्य नहीं हो पाया है, जिससे नदी का तल गहरा होने के बजाय उथला हो गया है और पानी का बहाव सीधा आबादी व कृषि भूमि की तरफ होकर भीषण कटाव पैदा कर रहा है।

विधायक के प्रति आक्रोश और एसडीएम का आश्वासन

मौके पर पहुंचे ग्रामीणों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा को लेकर गहरा आक्रोश दिखा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे विधायक आवास का घेराव करेंगे।

​मौके पर पहुंचीं उप जिलाधिकारी (SDM) रेखा कोहली ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से तत्काल मुख्यमंत्री तक भेजा जाएगा। साथ ही उन्होंने तट के समीप रह रहे अति-संवेदनशील परिवारों को फौरन सुरक्षित आवास व भोजन सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए।

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मौके पर मौजूद गणमान्य लोग

इस प्रदर्शन व ज्ञापन सौंपने के दौरान वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, अर्जुन नाथ गोस्वामी, बलवंत सिंह बिष्ट, रमेश गोस्वामी, ममता बिष्ट, कैप्टन इंद्र सिंह पनेरी, प्रकाश उत्तराखंडी सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। वहीं प्रशासन की ओर से एसडीएम रेखा कोहली, स्थानीय तहसीलदार, कोतवाल एवं पुलिस-प्रशासन की टीम तैनात रही।

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