बिंदुखत्ता (अग्रसर भारत न्यूज)।
बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर संघर्ष तेज़ हो गया है। वन अधिकार संगठन द्वारा आगामी 27 सितंबर को प्रस्तावित जनसभा और विशाल रैली की सफलता के लिए चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान के तहत रविवार को तीसरे दिन भी व्यापक घर-घर पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा की शुरुआत प्रातः दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति, बिंदुखेड़ा से हुई, जो गांव की विभिन्न गलियों और बस्तियों से होते हुए स्थानीय देवी मंदिर परिसर में संपन्न हुई।

पदयात्रा में महिलाओं, बच्चों और युवाओं सहित 400 से अधिक ग्रामीणों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया तथा 27 सितंबर के कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प दोहराया।
सामाजिक संगठनों ने दिया पूर्ण समर्थन
आंदोलन को व्यापक समर्थन मिलने लगा है। हल्द्वानी से पहुंचे जनमैत्री संगठन के अध्यक्ष व सामाजिक कार्यकर्ता बच्ची सिंह बिष्ट, पूर्व ट्रेड यूनियन नेता यतीश पंत और कवि नरेंद्र बंगारी ने पदयात्रा में शिरकत की। उन्होंने बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को न्यायसंगत बताते हुए आंदोलन को हर स्तर पर सहयोग देने की घोषणा की।
विधायक की अमर्यादित भाषा से आक्रोश
पदयात्रा के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट द्वारा आंदोलनकारियों पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और ग्रामीणों को ‘नालायक’ कहे जाने पर तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व जनता की समस्याओं को सुनना और लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन करना होता है। किसी संवैधानिक पद पर बैठकर नागरिकों के लिए ऐसी निम्नस्तरीय भाषा का प्रयोग पद की गरिमा के विपरीत है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि अपनी वाजिब हक-हकूक की लड़ाई लड़ना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है और किसी के अमर्यादित बयानों से यह जनआंदोलन थमने वाला नहीं है।

ये लोग रहे शामिल
पदयात्रा में वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, अर्जुन नाथ गोस्वामी, बलवंत बिष्ट, दीपक जोशी, रमेश गोस्वामी, ममता बिष्ट, संध्या डालाकोटी, नंदन बोरा, नंदन जग्गी, नवीन जोशी, प्रकाश उत्तराखंडी, बलवंत परिहार, दीपक रौतेला, मीणा मेहता, भगवान सिंह कथायत, दीपक जग्गी, दीपक पाठक, जीवन पांडे, सोहनलाल समेत बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद रहे।


