
- “हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते”: वन अधिकार संगठन अध्यक्ष उमेश भट्ट का विवाह समारोह से पुरजोर संदेश
बिंदुखत्ता (अग्रसर भारत ब्यूरो):
बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित कराने की वर्षों पुरानी मांग अब सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों का भी प्रमुख हिस्सा बनती दिख रही है। क्षेत्र में एक विवाह समारोह के दौरान बेहद अनोखा और प्रेरणादायक नज़ारा देखने को मिला, जहाँ खुशी और जश्न के माहौल के बीच हक और अधिकार की आवाज़ को प्रमुखता से उठाया गया।
वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश भट्ट ने मेहंदी की रस्म और बारात की तैयारियों के बीच एक वीडियो जारी कर बिंदुखत्ता को जल्द से जल्द राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग को मजबूती से सामने रखा है।
पीले रंग की विशेष टी-शर्ट पहने उमेश भट्ट ने कहा कि कल छोटे भाई की शादी है और दूल्हा बनने की रस्में निभाई जा रही हैं। लेकिन बिंदुखत्ता के जनसंघर्ष को वे किसी भी पल नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा, “बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने के लिए हम लगातार सड़कों पर उतरकर संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने यह बड़ी घोषणा भी की कि कल घोड़ाखाल (बारात) में शामिल होने वाले सभी लोग बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने का संदेश देने वाली विशेष टी-शर्ट पहनकर शामिल होंगे, ताकि शासन और प्रशासन तक क्षेत्रवासियों की इस मांग का सशक्त संदेश पहुँच सके।
कार्यक्रम के दौरान वहां मौजूद महिलाओं और परिजनों ने भी अत्यधिक उत्साह के साथ नारेबाज़ी की:
“बिंदुखत्ता मांगे— राजस्व ग्राम!”
“हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते!”
विवाह समारोह से उठी इस आवाज़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बिंदुखत्ता के निवासी अपने इस बुनियादी अधिकार को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। संगठन और स्थानीय लोगों ने एक स्वर में प्रदेश सरकार से बिंदुखत्ता को अविलंब राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग दोहराई है।



