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स्वाति नेगी ने नैनीताल के डीएसए मैदान में एक ब्लॉग बनाया था जिसमें यहां लहरा रहे भगवा झंडे पर सवाल खड़े किए थे। उनका यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। जिसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराए थे।

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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भगवा झंडे पर सवाल उठाने वाली यूट्यूबर स्वाति नेगी को राहत देते हुए उनके खिलाफ किसी तरह की जांच पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने सरकार और पुलिस से यह बताने के लिए कहा है कि मामले में आपीसी की धाराएं 153ए और 295 ए किस आधार पर लगाई गईं हैं। हाईकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी।

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न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार कोटद्वार निवासी स्वाति नेगी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उन्होंने नैनीताल के डीएसए मैदान में एक ब्लॉग बनाया था जिसमें यहां लहरा रहे भगवा झंडे पर सवाल खड़े किए थे।
उनका यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने इसे हिंदुओं का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की। मल्लीताल कोतवाली में कई शिकायती पत्र दिए। पुलिस ने स्वाति के खिलाफ मल्लीताल कोतवाली में धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी।

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इसके बाद पुलिस ने स्वाति नेगी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराए थे। पुलिस की इस कार्रवाई को स्वाति नेगी ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर मौखिक रूप से कड़ी टिप्पणी की और इस एफआईआर की जांच पर रोक लगाते हुए पुलिस से जवाब देने के लिए कहा है।

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