प्रेस विज्ञप्ति
25वें दिन भी सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने पदयात्रा में लिया हिस्सा, 27 सितंबर की विशाल रैली में जुटने का आह्वान
बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन की पदयात्रा मंगलवार को 25वें दिन भी जारी रही। आज सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुषों ने पदयात्रा में शामिल होकर 27 सितंबर को प्रस्तावित विशाल रैली एवं जनसभा में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया। आज की पदयात्रा गांधीनगर से टूटी पुलिया होते हुए बालिका इंटर कॉलेज, तिवारी नगर के पास देवी मंदिर पर पहुंची, जहां रात्रि विश्राम के बाद बुधवार को तिवारी नगर क्षेत्र में पदयात्रा निकाली जाएगी।

पदयात्रा के दौरान जगह-जगह आयोजित नुक्कड़ सभाओं में वक्ताओं ने वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत राजस्व ग्राम की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अधिसूचना जारी नहीं किए जाने पर सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया। वक्ताओं ने जल्द अधिसूचना जारी कर राजस्व ग्राम, पंचायती राज व्यवस्था और भूमि पर मालिकाना हक देने की मांग दोहराई। वन अधिकार संगठन के दीपक रौतेला ने कहा कि वनाधिकार कानून अंतर्गत राजस्व ग्राम बनाने हेतु वन भूमि अनारक्षण या केंद्र और सुप्रीम कोर्ट से अनुमति की आवश्यकता नहीं है। जब देशभर में लगभग 1700, पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में 54 और उत्तराखंड में 6 गांव वन अधिकार अधिनियम के तहत राजस्व ग्राम बन चुके हैं, तो बिंदुखत्ता के मामले में अनावश्यक देरी क्यों की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार जल्द अधिसूचना जारी करे, अन्यथा इसका खामियाजा उसे आगामी चुनाव में भुगतना पड़ेगा।

पदयात्रा में अध्यक्ष उमेश भट्ट, अर्जुन नाथ गोस्वामी, बलवंत बिष्ट, नंदन बोरा, ममता बिष्ट, रमेश गोस्वामी, हीरा सिंह बिष्ट, भरत नेगी, भूपेश जोशी, दौलत सिंह कोरंगा, मनोज कोरंगा, जीवन पांडे, भवान सिंह कठायत, इंद्र सिंह पनेरी, खुशाल सिंह कोश्यारी, नंदन सिंह गड़िया, कुंदन सिंह रावत, शंकर सिंह, जे सी उप्रेती, सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।

नए डीएफओ से मिला प्रतिनिधिमंडल
पदयात्रा के बाद वन अधिकार संगठन एवं पूर्व सैनिक संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने स्थानांतरित होकर आए नए प्रभागीय वन अधिकारी, तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी दीपक सिंह से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने गौला नदी के कटाव से प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य के लिए पोकलैंड मशीन चलाने पर वन विभाग द्वारा लगाई जा रही रोक तथा विभाग स्तर से किए जाने वाले राहत एवं बचाव कार्यों पर चर्चा की। इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने वन अधिकार अधिनियम के तहत बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की लंबित प्रक्रिया के संबंध में भी डीएफओ से वार्ता की। प्रतिनिधिमंडल में उमेश भट्ट, कै. इंद्र सिंह पनेरी, कै. खुशाल सिंह कोश्यारी एवं सूबेदार नंदन सिंह गड़िया शामिल रहे।
मुख्य सचिव के आदेशों पर अमल नहीं होने पर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन।
आज मुख्यमंत्री को सम्बोधित करते हुए एक ज्ञापन भी उपजिलाधिकारी के माध्यम से दिया गया जिसमें 11 सितंबर 2024 और 21 अक्टूबर 2024 को तत्कालीन मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के आदेश का संज्ञान लेने का आग्रह किया जिसमें मुख्य सचिव ने सचिव राजस्व को एक्ट का परीक्षण कर शीघ्र राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी करवाने की कार्यवाही करने का आदेश दिया था।


