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उत्तराखंड, सितारगंज 

उधम सिंह नगर के सितारगंज में पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया, जिस वक्त रोड दुर्घटना में घायल एक युवक की 6 दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गयी. जिसके बाद ग्रामीणों ने शव को कोतवाली गेट पर रख कर जमकर हंगामा किया. साथ ही गुस्साए लोगों ने नकुलिया चौराहे पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और जाम लगा दिया. इसके बाद जुलूस की शक्ल में कोतवाली पहुंचे और गेट के बाहर सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करने लगे.

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जिससे स्वजन और ग्रामीण भड़क गए. भड़के ग्रामीणों ने शव को कोतवाली गेट पर रख कर जमकर हंगामा किया. वहीं इस मामले मे हिंदू संगठनों से जुड़े लोग भी समर्थन में कोतवाली आकर प्रदर्शन करने लगे. उन्होंने अरुण के शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया. जिससे सड़क के दोनों तरफ का यातायात ठप हो गया. प्रदर्शन के दौरान शव खराब न हो जाए, इसलिए ग्रामीण कुछ देर बाद डीप फ्रीजर लेकर भी पहुंच गए. हिंदू संगठनों से जुड़े लोग मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई की मांग कर रहे थे. इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई. ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए किच्छा, पुलभट्टा, नानकमत्ता, खटीमा से पुलिस फोर्स और पीएसी बुला ली गई.

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बता दें कि जनपद के हल्दा निवासी मुन्नालाल ने आरोप लगाया कि 14 नवंबर को ग्राम हल्दुआ निवासी अरुण अपने साथी अजय के साथ बाइक से जा रहे थे. तभी उनकी बाइक असंतुलित होकर किसी व्यक्ति से टकरा गई. इस दौरान कुछ लोगों ने अरुण और अजय के साथ मारपीट कर दी, जिससे अरुण गंभीर रूप से घायल हो गया. जिसके बाद उसे हल्द्वानी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पुलिस ने मुन्नालाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच भी शुरू कर दी थी. मगर इसी बीच अरुण की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई.