
लालकुआं। बरसात और दैवीय आपदा के बीच आर्थिक दबाव झेल रहे उत्तराखंड के दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को बड़ी राहत मिली है। नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष मुकेश बोरा की पहल पर दुग्ध विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने 14 सितंबर 2026 को जारी पशु आहार की बढ़ी दरों और अनुदान में संशोधन संबंधी आदेश को अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दिया है।
इस फैसले से नैनीताल जिले के करीब 34 हजार और पूरे उत्तराखंड के लगभग 55 हजार दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को राहत मिलने की बात कही गई है।
पशुपालकों पर बढ़ने वाला था आर्थिक बोझ
नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा ने बताया कि मौजूदा समय में प्रदेश के कई हिस्सों में बरसात और दैवीय आपदा के कारण पशुपालकों को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए भी पशुपालकों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव है।
इसी स्थिति को देखते हुए उन्होंने दुग्ध विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा को पत्र भेजकर 14 सितंबर को जारी पशु आहार की दरों में वृद्धि के आदेश पर पुनर्विचार करने और पशुपालकों को राहत देने का आग्रह किया था।
किन उत्पादों की बढ़ाई गई थीं दरें?
14 सितंबर को जारी आदेश में कई पशु आहार संबंधी उत्पादों की दरों में संशोधन किया गया था। इनमें—
- पशु आहार
- मिनरल मिक्सचर
- कॉम्पैक्ट फीड
- साइलेज-भूसा
शामिल थे। दरों में वृद्धि लागू होने से पशुपालकों की पशुपालन लागत बढ़ने की आशंका जताई गई थी।
मंत्री ने लिया मामले का संज्ञान
मुकेश बोरा के मुताबिक, पशुपालकों की समस्याओं को देखते हुए उनके द्वारा रखे गए मामले पर दुग्ध विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने संज्ञान लिया। इसके बाद 14 सितंबर 2026 को जारी दर वृद्धि एवं अनुदान संशोधन संबंधी आदेश को अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दिया गया।
इस निर्णय को दुग्ध उत्पादक पशुपालकों के लिए तत्काल राहत के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि इससे फिलहाल बढ़ी हुई दरों के कारण पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक दबाव टल गया है।
मुकेश बोरा ने जताया मंत्री का आभार
नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा ने पशुपालकों के हित में लिए गए इस निर्णय के लिए दुग्ध विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए दर वृद्धि संबंधी आदेश का स्थगित होना महत्वपूर्ण राहत है। उनके अनुसार, इससे नैनीताल जिले सहित पूरे प्रदेश के हजारों दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को लाभ मिलेगा।


