
भीमताल, नैनीताल। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा की भीमताल सीट पर टिकट को लेकर अंदरूनी प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। वर्तमान विधायक एवं कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा के अलावा नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा समेत 12 नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश की है, जिससे पार्टी के सामने प्रत्याशी चयन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
दावेदारों से मुलाकात
भाजपा संगठन की ओर से भेजे गए प्रदेश कोर कमेटी सदस्य और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक भीमताल पहुंचे। उन्होंने संभावित प्रत्याशियों से मुलाकात कर टिकट की दावेदारी, संगठनात्मक भूमिका, जनाधार और चुनावी तैयारी पर चर्चा की।
दावेदारों में दर्जा राज्य मंत्री ध्रुव रौतेला, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य खीमा शर्मा, भीमताल ब्लॉक प्रमुख हरीश बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री भावना मेहरा और दर्जा राज्य मंत्री देवेंद्र ढैला प्रमुख नाम हैं। पूर्व मंत्री गोविंद सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक दान सिंह भंडारी और पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज साह ने भी टिकट का दावा पेश किया है।
मुकेश बोरा की दावेदारी
दुग्ध सहकारिता क्षेत्र से जुड़े मुकेश बोरा की दावेदारी ने चर्चा को और गर्म कर दिया है। वे नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष हैं और च्यूरीगाड़ दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति से लगातार 12वीं बार अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए हैं, जिससे उनकी संगठनात्मक पकड़ को महत्व दिया जा रहा है
हाल ही में दुग्ध संघ ने पशुपालकों को बोनस वितरित किया और बोरा ने दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य, दूध उत्पादन तथा उत्पादकों की आय बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता दिखाई है। इस अनुभव को उनकी चुनावी दावेदारी का प्रमुख आधार माना जा रहा है।
कैड़ा की स्थिति मजबूत, लेकिन चुनौती बढ़ी
राम सिंह कैड़ा भीमताल विधानसभा से भाजपा विधायक हैं और उत्तराखंड सरकार में शहरी विकास, जलागम प्रबंधन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के कैबिनेट मंत्री हैं। वे इस सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं 2017 में निर्दलीय के रूप में और 2022 में भाजपा टिकट पर जीते थे।
2022 के चुनाव में कैड़ा ने 25,632 वोट (38.69%) हासिल कर कांग्रेस के दान सिंह भंडारी को 9,844 वोटों के अंतर से हराया था। हालांकि, इस बार पार्टी के भीतर ही कई दावेदार मैदान में होने से उनकी राह आसान नहीं मानी जा रही।
कैड़ा का जवाबी दावा
कैड़ा ने हाल में कहा कि कुछ लोग केवल चुनावी साल में सक्रिय होते हैं, जबकि वे लगातार जनता के बीच रहकर काम कर रहे हैं। उन्होंने 2027 में भीमताल सीट पर भाजपा की 28,000 वोटों से जीत का दावा किया और कहा कि टिकट का अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
अब क्या होगा?
भीमताल विधानसभा सीट नैनीताल जिले की 57वीं विधानसभा सीट है और नैनीताल-उधमसिंह नगर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। भाजपा नेतृत्व के सामने अब यह तय करना है कि वह वर्तमान विधायक और मंत्री कैड़ा पर भरोसा करती है, या संगठनात्मक अनुभव, नए चेहरे और क्षेत्रीय समीकरण के आधार पर किसी अन्य दावेदार को मौका देती है।
टिकट विवाद से पार्टी में असंतोष बढ़ने का खतरा भी है, इसलिए उम्मीद है कि नेतृत्व जनाधार, जीत की क्षमता और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए संतुलित फैसला लेगा। फिलहाल भीमताल की राजनीति में भाजपा का अंदरूनी मुकाबला ही सबसे बड़ी चर्चा बन गया है।



