
हल्द्वानी। उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस की ‘उत्तराखंड न्याय यात्रा’ के बीच नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद दिनेश आर्य ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की धामी सरकार अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कांग्रेस पर इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप भी लगाया।
अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिनेश आर्य ने कहा कि अंकिता भंडारी उत्तराखंड की प्रतिभाशाली बेटी थी और उसके साथ हुई घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थी। उन्होंने दावा किया कि मामले में सरकार ने त्वरित कार्रवाई की और तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है और सीबीआई जांच भी चल रही है।
VIP के मुद्दे पर कांग्रेस से मांगे सबूत
अंकिता भंडारी प्रकरण में कथित VIP की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों पर दिनेश आर्य ने कांग्रेस को सबूत सार्वजनिक करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के पास किसी व्यक्ति के खिलाफ ठोस प्रमाण या कोई नाम है, तो उसे केवल आरोप लगाने के बजाय जनता और जांच एजेंसियों के सामने रखना चाहिए।
आर्य ने आरोप लगाया कि कांग्रेस बिना ठोस तथ्यों के बयान देकर प्रदेश की जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवेदनशील मामले में राजनीति करने के बजाय तथ्यों और जांच पर भरोसा किया जाना चाहिए।
कांग्रेस की न्याय यात्रा के जवाब में BJP निकालेगी लोकतंत्र बचाओ यात्रा
राज्यसभा सांसद ने कांग्रेस पर वोट चोरी और ईवीएम को लेकर सवाल उठाकर युवाओं को भड़काने तथा समाज में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कथित नकारात्मक राजनीति का जवाब देने और युवाओं को जागरूक करने के लिए भारतीय जनता पार्टी पूरे प्रदेश में ‘लोकतंत्र बचाओ यात्रा’ निकालेगी।
आगामी चुनावों में जनता देगी जवाब: दिनेश आर्य
दिनेश आर्य ने दावा किया कि उत्तराखंड की जनता कांग्रेस की कथनी और करनी के अंतर को समझ चुकी है। उन्होंने पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा को मिले जनसमर्थन का जिक्र करते हुए कहा कि जनता आगामी चुनावों में भी कांग्रेस की राजनीति का जवाब देगी।
अंकिता भंडारी मामले को लेकर कांग्रेस की न्याय यात्रा और भाजपा की प्रस्तावित लोकतंत्र बचाओ यात्रा के बीच प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के आसार हैं। हालांकि, इस पूरे प्रकरण में VIP की कथित भूमिका से जुड़े सवालों पर जांच और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



